दिल्ली की राजधानी में एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा संचालित एक खतरनाक हथियार तस्करी गैंग का पर्दाफाश किया है। इस ISI weapons smuggling gang Delhi ऑपरेशन में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है।
रोहिणी से बरामद हुए विदेशी हथियार
दिल्ली के रोहिणी इलाके से पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की। इस छापेमारी में 10 ऑटोमेटिक पिस्टल जब्त की गई हैं, जो अत्याधुनिक और खतरनाक किस्म की हैं। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से 5 पिस्टल तुर्की में बनी हैं और 3 चीन में निर्मित हैं। इसके अलावा पुलिस ने 90 से ज्यादा जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
यह हथियार इतने आधुनिक और खतरनाक हैं कि इनका इस्तेमाल बड़ी आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था। पुलिस का मानना है कि इन हथियारों की दिल्ली-NCR में बड़ी डिमांड थी और गैंग इन्हें अवैध तरीके से बेचने की योजना बना रहा था।
ड्रोन से आते थे पाकिस्तान से हथियार
जांच में जो खुलासे हुए हैं, वो चौंकाने वाले हैं। पुलिस ने पता लगाया है कि ये हथियार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारत में भेजे जा रहे थे। यह तरीका पिछले कुछ सालों में तस्करों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया है क्योंकि इससे सीमा पार करना आसान हो जाता है और पकड़े जाने का खतरा भी कम रहता है।
ISI द्वारा संचालित यह गैंग बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से हथियार भारतीय सीमा में पहुंचाए जाते थे और फिर इन्हें दिल्ली जैसे बड़े शहरों में सप्लाई किया जाता था।
अमेरिका में बैठा है मास्टरमाइंड
इस पूरे ऑपरेशन में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस ISI weapons smuggling gang Delhi का मास्टरमाइंड अमेरिका में बैठकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। यह शख्स अत्याधुनिक तकनीक और एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों का इस्तेमाल करके अपने एजेंटों को निर्देश देता था।
पुलिस अब इस मास्टरमाइंड की पहचान करने और उसे पकड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से संपर्क कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस गैंग के और भी सदस्य भारत के अन्य हिस्सों में सक्रिय हैं।
डीसीपी ने दी जानकारी
डीसीपी क्राइम संजीव यादव ने डीडी न्यूज से बातचीत करते हुए इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से हथियार तस्करी के धंधे में शामिल था और काफी सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था।
“हमारी टीम ने लंबे समय तक इस गैंग पर नजर रखी और फिर सही समय पर कार्रवाई की। अब हम इसकी पूरी गहन जांच कर रहे हैं ताकि इस नेटवर्क के हर सदस्य तक पहुंचा जा सके,” डीसीपी यादव ने कहा।
गहन जांच जारी
फिलहाल दिल्ली पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके संपर्कों की भी जांच हो रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि:
- कितने समय से यह नेटवर्क सक्रिय था
- कितने हथियार अब तक भारत में सप्लाई किए जा चुके हैं
- इन हथियारों को खरीदने वाले कौन लोग हैं
- क्या इस गैंग का किसी आतंकी संगठन से भी संबंध है
इसके अलावा पुलिस सीमावर्ती इलाकों में भी निगरानी बढ़ा रही है ताकि ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी पर लगाम लगाई जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती
यह मामला एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों के सामने ड्रोन तकनीक से होने वाली तस्करी की चुनौती को उजागर करता है। पिछले कुछ सालों में पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमाओं पर ड्रोन के जरिए हथियार, ड्रग्स और अन्य प्रतिबंधित सामान भेजने के कई मामले सामने आए हैं।
इस ISI weapons smuggling gang Delhi के भंडाफोड़ से दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई राजधानी में संभावित बड़ी आपराधिक या आतंकी वारदात को रोकने में कामयाब रही है।
पुलिस अब इस नेटवर्क की पूरी जांच करके सभी संदिग्धों को गिरफ्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह मामला देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए कितना संवेदनशील है, यह आने वाले दिनों में और स्पष्ट होगा।
















