विज्ञापन
---Advertisement---

Burhanpur Rape Case: आरोपी को 10 साल की सजा! क्या था पूरा मामला? अभी पढ़ें

Burhanpur Rape Case में कोर्ट का सख्त फैसला। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के बाराडोली गांव में बलात्कार के दोषी अरूण पवार को 10 साल की कठोर सजा। थाना शाहपुर का पूरा मामला पढ़ें।

Updated at: Sat, 27 Dec 2025, 6:51 PM (IST)
Follow Us:
Burhanpur rape case court verdict 10 years jail sentence Baradoli village Shahapur police station
---Advertisement---

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में एक बलात्कार मामले में कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाते हुए आरोपी को 10 साल की कड़ी सजा सुनाई है। यह फैसला महिला सुरक्षा और न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Burhanpur rape case में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोषी को सजा के साथ-साथ 1000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

विज्ञापन

क्या था पूरा मामला?

यह घटना थाना शाहपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बाराडोली गांव की है। साल 2024 में 44 वर्षीय अरूण पवार नाम के एक शख्स ने एक महिला के साथ जबरदस्ती की। आरोप है कि उसने महिला को जोर-जबरदस्ती करके अपने साथ ले गया और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। यह एक बेहद संवेदनशील और शर्मनाक घटना थी जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।

पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए थाना शाहपुर में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस Burhanpur rape case में अपराध क्रमांक 442/2024 दर्ज किया गया।

विज्ञापन

किन धाराओं में हुआ केस दर्ज?

पुलिस ने आरोपी अरूण पवार के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था। इनमें भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 376(2)(n), 376(2)(k), 294 (अश्लील हरकत), 323 (चोट पहुंचाना), 341 (गलत तरीके से रोकना), और 366 (अपहरण) शामिल हैं। ये सभी धाराएं बेहद गंभीर अपराधों से जुड़ी हैं।

जांच और अदालती कार्रवाई

थाना शाहपुर के उप निरीक्षक अजय सिंह चौहान ने इस मामले की गहन जांच की। पुलिस ने सभी सबूत इकट्ठा किए और पीड़िता के बयान दर्ज किए। जांच पूरी होने के बाद 13 सितंबर 2024 को माननीय न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई।

इस Burhanpur rape case की सुनवाई विशेष अदालत में हुई, जहां सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्याम देशमुख ने मजबूती से पैरवी की। उन्होंने सभी सबूतों और गवाहों को पेश करते हुए आरोपी के खिलाफ मजबूत केस बनाया। अदालत में पीड़िता के बयान और पुलिस जांच के दस्तावेजों ने अहम भूमिका निभाई।

कोर्ट का फैसला

माननीय विशेष न्यायालय ने सभी सबूतों और गवाहियों की जांच के बाद आरोपी अरूण पवार को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 366, 376 और 376(2)(n) के तहत 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 1000 रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया गया।

विज्ञापन

यह फैसला बुरहानपुर जिले में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Burhanpur rape case का यह निर्णय अन्य पीड़ितों के लिए भी प्रेरणा बनेगा कि वे बिना डर के न्याय की मांग करें।

विज्ञापन

पुलिस प्रशासन की भूमिका

इस केस में थाना शाहपुर की पुलिस टीम की सराहना की जा रही है। उप निरीक्षक अजय सिंह चौहान की अगुवाई में टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सभी सबूत इकट्ठा किए और मजबूत केस तैयार किया। यही वजह है कि अदालत में आरोपी को सजा दिलाने में सफलता मिली।

पुलिस विभाग ने इस Burhanpur rape case को गंभीरता से लेते हुए जांच पूरी की और समय पर चार्जशीट दाखिल करके अदालत को पूरा सहयोग दिया। बाराडोली गांव में हुई इस घटना की जांच पारदर्शी तरीके से की गई, जिससे पीड़िता को जल्द न्याय मिल सका।

क्यों जरूरी है ऐसे फैसले?

आज के समय में जब महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं, ऐसे फैसले बेहद जरूरी हैं। ये न सिर्फ पीड़िता को न्याय दिलाते हैं बल्कि दूसरों के लिए चेतावनी का काम भी करते हैं। यह फैसला यह संदेश देता है कि कानून अपराधियों को बख्शता नहीं है।

बुरहानपुर जिले की यह घटना याद दिलाती है कि हमें अपने समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर और ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है। साथ ही यह भी जरूरी है कि पीड़ित महिलाएं बिना डर के आगे आएं और न्याय की मांग करें। Burhanpur rape case जैसे मामलों में त्वरित न्याय मिलना समाज के लिए सकारात्मक संकेत है।

Burhanpur Rape Case से मिला न्याय का संदेश

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में हुए इस Burhanpur rape case में अदालत का फैसला न्याय व्यवस्था में विश्वास बहाल करता है। 10 साल की सजा और आर्थिक दंड से यह साफ है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।

थाना शाहपुर पुलिस की प्रभावी जांच और विशेष लोक अभियोजक श्याम देशमुख की मजबूत पैरवी ने इस केस को जीतने में अहम भूमिका निभाई। यह फैसला बाराडोली गांव और पूरे बुरहानपुर जिले के लिए एक मिसाल बनेगा। अन्य जिलों में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जरूरत है ताकि महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।

विज्ञापन

Sameer Mahajan

समीर महाजन, Fact Finding न्यू एज डिजिटल मीडिया के फाउंडर और संपादक हैं। उन्होंने प्रमुख समाचार चैनलों में संवाददाता के रूप में कार्य किया और वर्तमान में बड़े न्यूज़ नेटवर्क से जुड़े हैं। उनकी विशेषता राजनीति, अपराध, खेल, और सामाजिक मुद्दों में है। Fact Finding की स्थापना का उद्देश्य उन खबरों को उजागर करना है जो मुख्यधारा मीडिया में दब जाती हैं, ताकि सच्चाई और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

Join WhatsApp

Join Now

Join Arattai

Join Now

विज्ञापन