मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। खकनार पुलिस ने ग्राम पाचौरी के दुर्गम पहाड़ी जंगलों में चल रही एक ‘मिनी गन फैक्ट्री’ को नेस्तनाबूद कर दिया है। MP Burhanpur Police Raid के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अत्याधुनिक अवैध पिस्टल और हथियार बनाने के उपकरण जब्त किए हैं। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान नाटकीय घटनाक्रम भी देखने को मिला, जहाँ पुलिस टीम पर हमला कर आरोपी भागने में सफल रहे।
क्या है पूरा मामला?
बुरहानपुर एसपी देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन में जिला पुलिस अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष अभियान चला रही है। इसी कड़ी में 30 दिसंबर 2025 की रात खकनार थाना पुलिस को सटीक मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम पाचौरी के आगे पहाड़ी जंगलों में कुछ लोग झोपड़ियों में लाइट जलाकर अवैध हथियार निर्माण का काला कारोबार कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही खकनार थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक जाधव ने एक विशेष टीम तैयार की। पुलिस ने अपनी पहचान गोपनीय रखने के लिए निजी वाहनों, पिकअप और मोटरसाइकिलों का सहारा लिया ताकि अपराधियों को पुलिस के आने की भनक तक न लगे।
आधी रात को फिल्मी अंदाज में घेराबंदी
पुलिस टीम जब टारगेट लोकेशन पर पहुंची, तो वहां का दृश्य हैरान करने वाला था। घने जंगल के बीच दो झोपड़ियों में बल्ब की रोशनी में हथियार बनाने का काम धड़ल्ले से चल रहा था। मुख्य आरोपी रेहराज उर्फ रेहरास अपने दो साथियों के साथ वहां पिस्टल तैयार कर रहा था।
पुलिस ने सूझबूझ से चारों तरफ से घेराबंदी की, लेकिन अंधेरे और पहाड़ी ऊबड़-खाबड़ इलाके का फायदा उठाकर तीनों आरोपी भागने लगे। पीछा कर रही टीम ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी रेहराज को तो पकड़ लिया, लेकिन तभी माहौल तनावपूर्ण हो गया।
- पुलिस पर हमला: जब पुलिस रेहराज को गाड़ी में बिठा रही थी, तभी उसके करीब 6-7 साथी वहां लाठी-डंडों के साथ पहुंच गए।
- शासकीय कार्य में बाधा: आरोपियों ने पुलिस टीम के साथ विवाद किया और भीड़ व अंधेरे का फायदा उठाकर रेहराज को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा ले गए।
हथियारों का जखीरा बरामद: क्या-क्या हुआ जब्त?
पुलिस ने जब मौके पर बनी झोपड़ियों (गन फैक्ट्री) की तलाशी ली, तो वहां बड़े पैमाने पर हथियार और उन्हें बनाने वाली मशीनें बरामद हुईं। जब्त की गई सामग्री की सूची इस प्रकार है:
- तैयार हथियार: 05 अवैध हस्तनिर्मित देशी पिस्टल।
- अर्धनिर्मित हथियार: 07 अधूरी बनी पिस्टल।
- मशीनरी: 06 ग्राइंडर मशीन, 01 ड्रिल मशीन और 02 पंखा मशीन।
- उपकरण: 10 पिस्टल सांचे, 05 लॉकिंग सांचे, 03 मैगजीन सांचे।
- अन्य सामग्री: 07 हथौड़े, 02 आरी, 10 कानस और 04 गाडर के टुकड़े।
जब्त किए गए कुल मश्रुका (माल) की अनुमानित कीमत लगभग 2,50,000 रुपये आंकी गई है।
एसपी देवेंद्र पाटीदार का सख्त संदेश
बुरहानपुर एसपी देवेंद्र पाटीदार ने इस कार्रवाई के बाद अवैध कारोबारियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का लक्ष्य केवल अपराधियों को जेल भेजना नहीं, बल्कि समाज में सुधार लाना भी है।
“पिछले 3 वर्षों में हमने आर्म्स एक्ट के 57 मामलों में 118 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 305 अवैध हथियार जब्त किए हैं। सिकलीगर समाज को मुख्यधारा में लाने के प्रयास जारी हैं। जो अपराधी समाज की मुख्यधारा में जुड़ना चाहते हैं, उनकी हर संभव मदद की जाएगी, लेकिन जो आपराधिक गतिविधियों को नहीं छोड़ेंगे, उनके विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही होगी।”
फरार आरोपियों पर कानूनी शिकंजा
इस MP Burhanpur Police Raid के बाद फरार मुख्य आरोपी रेहराज और उसे छुड़ाने वाले 6 अन्य साथियों के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है:
- आर्म्स एक्ट: धारा 25(B-1)(a) के तहत मामला दर्ज।
- BNS (भारतीय न्याय संहिता): धारा 132, 126(2), 191(2) और 3(5) के तहत अपराध क्रमांक 568/2025 पंजीबद्ध।
- निगरानी बदमाश: मुख्य आरोपी रेहराज थाना खकनार का हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर पहले भी आर्म्स एक्ट के 2 मामले दर्ज हैं।
इन जांबाज पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका
इस खतरनाक ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में निम्नलिखित अधिकारियों और जवानों का विशेष योगदान रहा:
- नेतृत्व: निरीक्षक अभिषेक जाधव (थाना प्रभारी)।
- अधिकारी: उनि रामेश्वर बकोरिया, उनि शंकर लोने, सउनि तारक अली, मनीष कुमार, जगदीश मंसुरे।
- टीम: प्रधान आरक्षक मेलसिंह, सतीश, अजय, अमित, जितेन्द्र, मनीष एवं आरक्षक मंगल पालवी, विजेन्द्र, जितेन्द्र, आयुश, विक्रम, अनिल व अन्य।
पुलिस की चेतावनी और आगामी कार्रवाई
बुरहानपुर पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई से अवैध हथियार तस्करों और उनके मददगारों में हड़कंप मच गया है। हालांकि, मौके से आरोपियों का भाग जाना पुलिस के लिए एक चुनौती है, लेकिन एसपी के निर्देशानुसार फरार आरोपियों की तलाश में सर्चिंग तेज कर दी गई है। पुलिस अब उन सफेदपोश लोगों को भी चिन्हित कर रही है जो इन अपराधियों को शरण देते हैं या उन्हें हथियार बनाने के लिए उकसाते हैं।
















