मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में पुलिस ने Burhanpur illegal weapons के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के दो कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है। खकनार थाना पुलिस ने 27 नवंबर को मुखबिर की सूचना पर की गई कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पास से 4 अवैध देसी पिस्टल बरामद की हैं, जिनकी कीमत करीब 1 लाख रुपये आंकी गई है।
कैसे हुई गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक बुरहानपुर देवेंद्र कुमार पाटीदार के निर्देश पर जिले में अवैध हथियारों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 27 नवंबर को खकनार थाना प्रभारी अभिषेक जाधव को एक मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम सिरपुर में उतावली नदी पुलिया के पास महादेव मंदिर के सामने दो संदिग्ध लोग अवैध पिस्टल लेकर खड़े हैं।
सूचना मिलते ही एसडीओपी नेपानगर निर्भय सिंह अलावा के मार्गदर्शन में पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने रणनीति बनाकर दोनों संदिग्धों को घेरा और गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम साहिल (25) पुत्र अशोक राजपूत, निवासी मंगलवारा पेठ, पुणे और रामेश्वर (27) पुत्र लक्ष्मण करे, निवासी गोकुल नगर, पुणे बताया।
क्या-क्या मिला बरामद
पुलिस ने जब साहिल की तलाशी ली तो उसकी पैंट की कमर में 1 देसी पिस्टल मिली। उसके बैग की जांच में 2 और हस्तनिर्मित पिस्टल बरामद हुईं, जिनकी कुल कीमत 75,000 रुपये आंकी गई। वहीं रामेश्वर के पास से 1 देसी पिस्टल मिली, जिसकी कीमत 25,000 रुपये बताई जा रही है।
इस तरह Burhanpur illegal weapons मामले में कुल 4 हस्तनिर्मित देसी पिस्टल बरामद की गईं, जिनकी कुल कीमत 1 लाख रुपये है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना खकनार में अपराध क्रमांक 541/2025 धारा 25(1-B)(a) आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
आदतन अपराधी हैं दोनों
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों गिरफ्तार आरोपी पुणे के आदतन बदमाश हैं, जिनके खिलाफ पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
साहिल का आपराधिक रिकॉर्ड
साहिल के खिलाफ पुणे की विभिन्न पुलिस थानों में कुल 8 मामले दर्ज हैं। इनमें अपहरण (धारा 363), अवैध हथियार रखने, दंगा भड़काने, हमला करने और महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामले शामिल हैं। 2019 से लेकर 2021 तक फरसखाना, शिवाजी नगर और विसरामबाग थानों में उसके खिलाफ केस दर्ज हैं।
रामेश्वर का क्रिमिनल रिकॉर्ड
रामेश्वर के खिलाफ भी पुणे में 2 गंभीर मामले दर्ज हैं। 2021 में उसके खिलाफ दंगा भड़काने, कोविड-19 नियमों का उल्लंघन और आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए थे। शकर नगर और भारती विद्यापीठ थानों में उसके खिलाफ केस चल रहे हैं।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस Burhanpur illegal weapons मामले को सुलझाने में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक जाधव की अगुवाई में पूरी पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस ऑपरेशन में प्रधान आरक्षक राजकुमार वर्मा, सत्यभान सिंह, सतीश सूर्यवंशी, अमित अवस्थी, आरक्षक सुनिल धुर्वे, जितेंद्र चौहान, खुमसिंह नार्वे, सबलसिंह, विजेंद्र देवल्ये और अनिल डावर शामिल रहे।
क्यों जरूरी है यह कार्रवाई
अवैध हथियारों की तस्करी और निर्माण पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है क्योंकि ये हथियार अपराधियों के हाथों में जाकर गंभीर अपराधों में इस्तेमाल होते हैं। बुरहानपुर पुलिस लगातार ऐसे तत्वों पर नजर रख रही है और समय-समय पर कार्रवाई कर रही है।
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार पाटीदार ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध हथियारों के निर्माण, खरीद-बिक्री और तस्करी करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यह गिरफ्तारी उसी मुहिम का हिस्सा है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि उन्हें ये हथियार कहां से मिले और इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से करना था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस नेटवर्क में और लोग भी शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इस मामले में और भी कई खुलासे हो सकते हैं।
यह कार्रवाई Burhanpur illegal weapons के खिलाफ पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस सफलता की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।
















