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Samode Farmers Protest: खेतीपंप की बिजली को लेकर महावितरण कार्यालय पर ताला

Samode Farmers Protest: धुले जिले के सामोडे गांव में खेतीपंप की बिजली को लेकर किसानों ने महावितरण कार्यालय पर ताला जड़ दिया। 8 घंटे बिजली की मांग पर आंदोलन तेज।

Updated at: Mon, 26 Jan 2026, 6:48 PM (IST)
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Samode Farmers Power Supply Protest में किसानों ने महावितरण कार्यालय पर ताला लगाया
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हाइलाइट्स
  • खेतीपंप की बिजली नहीं मिलने से सामोडे के किसान आक्रोशित हुए
  • 8 घंटे बिजली की मांग पर महावितरण कार्यालय पर ताला लगाया
  • दो दिन में सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी दी

महाराष्ट्र के धुले जिले के सामोडे गांव में खेतीपंप की बिजली को लेकर किसानों का सब्र आखिरकार टूट गया। Samode Farmers Protest के तहत गुरुवार को गांव के किसान, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और महावितरण कार्यालय पर ताला जड़ दिया। किसानों की साफ मांग है कि खेतीपंप के लिए दिन में कम से कम 8 घंटे बिना रुकावट बिजली दी जाए।

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आश्वासन बहुत मिले, लेकिन हालात जस के तस

सामोडे और आसपास के इलाके में पिछले दो से तीन साल से बिजली की समस्या लगातार बनी हुई है। किसानों का कहना है कि महावितरण के अधिकारी हर बार नए-नए आश्वासन देते रहे, लेकिन जमीनी हकीकत कभी नहीं बदली। पहले कहा गया कि धाडणे सबस्टेशन का काम पूरा होते ही बिजली व्यवस्था सुधर जाएगी। अब सबस्टेशन चालू होने के बाद भी खेतों में अंधेरा छाया हुआ है।

8 घंटे की जगह मिल रही सिर्फ 6 घंटे बिजली

किसानों का आरोप है कि तय समय के मुताबिक 8 घंटे बिजली देने का नियम है, लेकिन हकीकत में मुश्किल से 6 घंटे ही सप्लाई मिल पा रही है। वह भी ऐसी कि इन 6 घंटों में से केवल 2 घंटे ही बिजली सही रहती है, बाकी समय बार-बार ट्रिपिंग होती रहती है। मोटर चालू करो तो कुछ देर बाद बिजली गायब।

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पानी के बिना सूख रही फसलें

अनियमित बिजली सप्लाई का सीधा असर खेती पर पड़ रहा है। समय पर सिंचाई न हो पाने की वजह से फसलें सूखने लगी हैं। खासकर रबी और सब्जी की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। किसानों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में उन्हें और ज्यादा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।

गुस्से में उतरे किसान, महावितरण कार्यालय पर ताला

लगातार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकलने से नाराज किसानों ने सामोडे स्थित महावितरण कार्यालय पर ताला जड़ दिया। आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान, गांव के लोग और विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी शामिल हुए। मौके पर जमकर नारेबाजी हुई और बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया गया।

अधिकारियों से हुई बातचीत, मिला लिखित आश्वासन

आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए महावितरण के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि अगले दो दिनों के भीतर उचित योजना बनाकर खेतीपंप के लिए 8 घंटे की नियमित और निर्बाध बिजली सप्लाई शुरू की जाएगी। इस संबंध में लिखित आश्वासन भी दिया गया।

चेतावनी: वादा टूटा तो आंदोलन और तेज

हालांकि लिखित आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया, लेकिन चेतावनी भी साफ शब्दों में दे दी। किसानों ने कहा कि अगर दो दिन के भीतर हालात नहीं सुधरे तो इससे भी बड़ा और तीव्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी महावितरण प्रशासन की होगी।

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गांव में तनावपूर्ण लेकिन शांत माहौल

फिलहाल सामोडे गांव में स्थिति शांत है, लेकिन किसानों में नाराजगी साफ देखी जा सकती है। सभी की नजर अब महावितरण के अगले कदम पर टिकी है। अगर वादा पूरा नहीं हुआ, तो Samode Farmers Protest एक बार फिर उग्र रूप ले सकता है।

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Anil Borade

महाराष्ट्र के धूलिया जिले से हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे ज़मीनी हकीकत को उजागर करने वाली पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं और सामाजिक मुद्दों, राजनीति व जनहित से जुड़े विषयों पर गहरी पकड़ रखते हैं। वर्तमान में वे प्रतिष्ठित नेशनल न्यूज़ चैनल भारत 24 में संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे Fact Finding के धूलिया जिला ब्यूरो के प्रमुख भी हैं, जहाँ से वे विश्वसनीय, तथ्यपरक और निष्पक्ष खबरें पाठकों तक पहुंचाते हैं।

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