- मध्य प्रदेश में 2 अक्टूबर से Dugdh Samriddhi Campaign शुरू होगा।
- Dugdh Samriddhi Campaign से दूध उत्पादन बढ़ाने की योजना है।
- Dugdh Samriddhi Campaign से पशुपालकों की आय बढ़ेगी।
बुरहानपुर: मध्य प्रदेश सरकार अब दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाई देने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए खास पहल करने जा रही है। जिले में 2 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2025 तक ‘‘दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान’’ (Dugdh Samriddhi Campaign) चलाया जाएगा। इस दौरान पशुपालकों को आधुनिक तकनीक, टीकाकरण, पोषण और नस्ल सुधार की जानकारी दी जाएगी ताकि वे ज्यादा उत्पादन कर सकें और आर्थिक रूप से मजबूत बनें।
क्या है अभियान का मकसद?
पशुपालन विभाग के मुताबिक, इस अभियान का सबसे बड़ा उद्देश्य है ग्रामीण स्तर पर दूध उत्पादन को बढ़ाना और पशुपालकों की आय को दोगुना करना। इसके लिए सरकार कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination) और Sex Sorted Semen Technology जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ावा दे रही है। साथ ही, बीमारियों से बचाव और पशुओं के नियमित टीकाकरण पर भी फोकस किया जाएगा।
ग्राम सभाओं में होगी जानकारी
2 अक्टूबर को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में पशुपालन विभाग के अधिकारी और सहायक पशु क्षेत्र अधिकारी/मैत्री (Maitri Workers) ग्रामीणों को ‘‘दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान’’ की पूरी जानकारी देंगे। अभियान के पहले चरण में ऐसे पशुपालकों पर फोकस किया जाएगा जिनके पास 10 या उससे अधिक गाय-भैंस हैं।
इन पशुपालकों के घर जाकर टीम सदस्य पशुओं की संख्या का सत्यापन (Verification) करेंगे और उन्हें दूध उत्पादन बढ़ाने के आधुनिक तरीकों, नस्ल सुधार, पोषण और प्रबंधन की जानकारी देंगे।
एप पर दर्ज होगी जानकारी
इस अभियान की खासियत यह है कि हर काम का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। सत्यापन और सभी गतिविधियों की जानकारी सीधे ‘‘Dugdh Samriddhi Campaign App’’ पर अपलोड की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे और हर स्तर पर मॉनिटरिंग की जा सके।
जिले में कितनी टीमें होंगी सक्रिय?
बुरहानपुर जिले में अभियान को सफल बनाने के लिए दो विकासखंडों में टीमें बनाई गई हैं।
- विकासखंड बुरहानपुर में 56 सहायक पशु क्षेत्र अधिकारी/मैत्री को जिम्मेदारी दी गई है।
- विकासखंड खकनार में 33 अधिकारी/मैत्री को ड्यूटी पर लगाया गया है।
ये सभी अधिकारी और कर्मचारी गांव-गांव जाकर पशुपालकों को जागरूक करेंगे और पशुओं की जांच करेंगे।
पशुपालकों से अपील
जिले के उपसंचालक पशु चिकित्सा एवं सेवाएं डॉ. डाबर ने बताया कि यह अभियान पूरी तरह से किसानों और पशुपालकों के लिए है। उन्होंने अपील की है कि जब भी ‘‘दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान’’ की टीम आपके गांव या घर पहुंचे तो उन्हें सही-सही जानकारी दें। इससे आपके पशुओं का स्वास्थ्य सुधरेगा और उत्पादन भी बढ़ेगा।
क्यों है यह अभियान खास?
भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और मध्य प्रदेश इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। लेकिन अब भी ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों के सामने कई चुनौतियां हैं – जैसे कम दूध उत्पादन, बीमारियों का खतरा और नस्ल सुधार की कमी।
‘‘Dugdh Samriddhi Campaign’’ इन सभी समस्याओं का हल खोजने की कोशिश है। अगर पशुपालक सही पोषण, समय पर टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान जैसी तकनीक अपनाते हैं, तो दूध उत्पादन कई गुना बढ़ सकता है।
किसानों की जेब होगी मजबूत
इस अभियान का सीधा फायदा किसानों और पशुपालकों की आय पर पड़ेगा। ज्यादा दूध उत्पादन का मतलब है – ज्यादा आमदनी। साथ ही, स्वस्थ और अच्छी नस्ल वाले पशुओं से पशुपालकों को लंबे समय तक फायदा मिलेगा।
अभियान से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
‘‘दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान’’ (Dugdh Samriddhi Campaign) केवल दूध उत्पादन बढ़ाने की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अगर यह योजना सफल होती है तो जिले के हजारों पशुपालकों को सीधा फायदा मिलेगा और मध्य प्रदेश दूध उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाएगा।














