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सरकारी विश्राम गृह में 5.84 करोड़ की नकदी बरामद, अनिल गोटे का सनसनीखेज आरोप

धुळे के गुलमोहर सरकारी विश्राम गृह में 5.84 करोड़ रुपये की नकदी बरामद। पूर्व विधायक अनिल गोटे ने अंदाज समिति के विधायकों को रिश्वत देने का लगाया आरोप। पुलिस जांच शुरू, पढ़ें पूरी खबर।

Updated at: Wed, 30 Jul 2025, 10:35 PM (IST)
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 Cash amount of 5.84 crore seized at government guesthouse; Anil Gote faces sensational allegation. हाइलाइट्स
  • धुळे के सरकारी विश्राम गृह में 5.84 करोड़ की नकदी बरामद, भ्रष्टाचार का सनसनीखेज खुलासा
  • पूर्व विधायक अनिल गोटे का आरोप: अंदाज समिति के विधायकों को रिश्वत देने के लिए जमा हुआ पैसा
  • पुलिस ने तोड़ा कमरे का ताला, रातभर चली नकदी की गिनती, जांच में बड़ा खुलासा संभव

महाराष्ट्र के धुळे जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी विश्राम गृह ‘गुलमोहर’ में 5 करोड़ 84 लाख 84 हजार 200 रुपये की नकदी बरामद हुई है। यह राशि विधानमंडल की अंदाज समिति के दौरे के दौरान कमरा नंबर 102 में मिली, जिसे जालना के विधायक अर्जुन खोतकर के निजी स्वीय सहायक किशोर पाटील के नाम पर बुक किया गया था। इस मामले में पूर्व विधायक अनिल गोटे ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि यह राशि समिति के 11 विधायकों को ‘मलाई’ के तौर पर देने के लिए सरकारी कार्यालयों से जमा की गई थी। इस खुलासे ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है।

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क्या है पूरा मामला?

धुळे और नंदुरबार जिले में विकास कार्यों की समीक्षा के लिए विधानमंडल की अंदाज समिति का 11 विधायकों का शिष्टमंडल धुळे पहुंचा था। इस समिति में समिति प्रमुख अर्जुन खोतकर के अलावा काशिराम पावरा, दिलीप बोरसे, मंदा म्हात्रे, मनिषा चौधरी, किशोर पाटील, किरण सामंत, शेखर निकम, कैलास पाटील, सदाशिव खोत, राजेश राठोड और विधानमंडल के अपर सचिव दामोदर गायकर शामिल थे। समिति के दौरे के दौरान, पूर्व विधायक अनिल गोटे को सूचना मिली कि गुलमोहर सरकारी विश्राम गृह में भारी मात्रा में नकदी जमा की गई है।

अनिल गोटे ने आरोप लगाया कि यह राशि विभिन्न सरकारी कार्यालयों से जमा की गई थी ताकि समिति के विधायकों को ‘मलाई’ दी जा सके। इस सूचना के आधार पर अनिल गोटे और उनके शिवसैनिक समर्थकों ने दोपहर से ही विश्राम गृह के बाहर पहरा देना शुरू कर दिया। गोटे ने बताया कि उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। गोटे ने खुद कमरा नंबर 102 के बाहर 5 घंटे तक धरना दिया।

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रात में टूटा कमरे का ताला, मिली भारी नकदी

रात देर तक चली नाटकीय घटनाओं के बाद, जिला प्रशासन और पुलिस ने आखिरकार कमरा नंबर 102 का ताला तोड़ा। तलाशी के दौरान कमरे से 5 करोड़ 84 लाख 84 हजार 200 रुपये की नकदी बरामद हुई। नकदी की गिनती के लिए तीन मशीनों का इस्तेमाल किया गया, जो देर रात तक चलती रही। इस दौरान विश्राम गृह के बाहर शिवसैनिकों और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ जमा हो गई।

अनिल गोटे का आरोप: ‘यह भ्रष्टाचार का मामला’

अनिल गोटे ने इस मामले को भ्रष्टाचार का गंभीर मामला करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि यह राशि सरकारी कार्यालयों से जमा की गई थी, और इसका मकसद समिति के विधायकों को रिश्वत देना था। गोटे ने यह भी कहा कि अर्जुन खोतकर के स्वीय सहायक किशोर पाटील के नाम पर कमरा 4-5 दिनों से बुक था, और इस दौरान राशि जमा करने का काम चल रहा था। गोटे ने जांच की मांग की है कि यह पैसा कहां से आया और इसे किसने जमा किया।

पुलिस जांच शुरू, कई सवाल अनुत्तरित

पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी राशि सरकारी विश्राम गृह में कैसे पहुंची? इसका स्रोत क्या है, और इसे किस मकसद से जमा किया गया था? क्या यह राशि वाकई विधायकों को देने के लिए थी, जैसा कि अनिल गोटे ने आरोप लगाया है? जिला प्रशासन और पुलिस इस मामले में गहन जांच कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया है।

जनता में आक्रोश, जांच पर टिकी नजरें

इस खुलासे ने धुळे में आम जनता के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग यह जानना चाहते हैं कि सरकारी कार्यालयों से इतनी बड़ी राशि कैसे और क्यों जमा की गई। अनिल गोटे के आरोपों ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। अब सभी की नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि इस मामले में कौन-कौन शामिल है और क्या कार्रवाई होगी।

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Anil Borade

महाराष्ट्र के धूलिया जिले से हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे ज़मीनी हकीकत को उजागर करने वाली पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं और सामाजिक मुद्दों, राजनीति व जनहित से जुड़े विषयों पर गहरी पकड़ रखते हैं। वर्तमान में वे प्रतिष्ठित नेशनल न्यूज़ चैनल भारत 24 में संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे Fact Finding के धूलिया जिला ब्यूरो के प्रमुख भी हैं, जहाँ से वे विश्वसनीय, तथ्यपरक और निष्पक्ष खबरें पाठकों तक पहुंचाते हैं।

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