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Pimpalner Illegal Activities: पिंपलनेर में पत्तों का क्लब और नशे का धंधा, पुलिस चुप क्यों?

Pimpalner Illegal Activities तेजी से बढ़ रही हैं। धुले के पिंपलनेर शहर के बीचों-बीच पत्तों का क्लब, नशेड़ी और अवैध धंधे स्कूली बच्चों को परेशान कर रहे। स्थानीय पुलिस की चुप्पी क्यों? तुरंत कार्रवाई की मांग।

Updated at: Sat, 21 Feb 2026, 6:18 PM (IST)
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Pimpalner Illegal Activities - पिंपलनेर शहर में अवैध पत्तों क्लब और नशेड़ी

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महाराष्ट्र के धुले जिले के पिंपलनेर शहर में ये क्या हो रहा है भाई? रिहायशी इलाके में खुलेआम पत्तों के क्लब और अवैध धंधे चल रहे हैं, और पुलिस प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। पंचमुखी चौक के ठीक बीच में, जहां बैंक, कंप्यूटर सेंटर और अस्पताल के सामने पुरानी बंद सिनेमा हॉल में ये सब हो रहा है। स्कूली बच्चे रोज नशेड़ियों से परेशान हो रहे हैं, लेकिन कार्रवाई का नामोनिशान नहीं। स्थानीय लोग त्रस्त हैं – आखिर ये Pimpalner Illegal Activities कब रुकेंगी?

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शहर के दिल में चल रहा काला कारोबार

कल्पना कीजिए, आपका बच्चा स्कूल से लौट रहा हो और रास्ते में नशेड़ी घेर लें। यही हालत है पिंपलनेर के पंचमुखी चौक की। यहां के रिहायशी इलाके में:

  • पत्तों का क्लब खुला खेला: बंद सिनेमा थिएटर को छिपे-छिपे पत्तों (गांजा) के अड्डे में बदल दिया गया है। बड़े ही ढंग से चल रहा है।
  • नशेड़ियों का जमावड़ा: बाहर से आने वाले नशेड़ी दिन-रात डेरा डाले रहते हैं। स्कूल के पास होने से बच्चे सबसे ज्यादा डर रहे।
  • अन्य अवैध धंधे: जुआ, सट्टा और छोटे-मोटे गैरकानूनी काम भी फल-फूल रहे।

ये सब शहर के बीचों-बीच हो रहा है, जहां रोज सैकड़ों लोग आते-जाते हैं। बैंक और अस्पताल के ठीक सामने! लोग कहते हैं, “रात को तो खौफ ही हो जाता है।”

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स्कूली बच्चों पर सबसे बड़ा खतरा

पिंपलनेर एक छोटा सा शहर है, जहां ज्यादातर परिवार बच्चे पढ़ाने में जुटे रहते हैं। लेकिन ये Pimpalner Illegal Activities ने सबकी नींद उड़ा दी है:

  • बच्चे स्कूल जाते वक्त नशेड़ियों से टकराते हैं।
  • कभी-कभी मारपीट या गाली-गलौज तक हो जाती।
  • अभिभावक डरते हैं कि कहीं बच्चे गलत संगत में न पड़ जाएं।

एक स्थानीय निवासी ने बताया, “हमने थाने में शिकायत की, लेकिन कोई एक्शन नहीं। ऊपर वाले अफसर कब जागेंगे?”

पुलिस प्रशासन की चुप्पी क्यों?

सवाल वही पुराना – कार्रवाई कब?

  • स्थानीय पुलिस को बार-बार खबर दी गई, लेकिन चुप्पी साध ली।
  • आला अधिकारीयों से बात की, जवाब मिला “जांच चल रही”।
  • लेकिन जमीन पर कुछ नहीं बदल रहा।

लोगों का कहना है कि ये Pimpalner Illegal Activities राजनीतिक संरक्षण में चल रही हैं। अगर ऐसा नहीं, तो तुरंत छापा क्यों नहीं मारते? धुले जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से उम्मीद है कि वो इस पर नजर डालें।

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प्रभावित इलाके और लोग

इलाकासमस्याप्रभावित लोग
पंचमुखी चौकपत्तों क्लब, नशेड़ीस्कूली बच्चे, महिलाएं
सिनेमा हॉलअवैध धंधेरिहायशी परिवार
बैंक/अस्पताल के सामनेखुला जमावड़ादुकानदार, राहगीर

स्थानीय लोगों की मांगें

निवासी अब सड़क पर उतरने को तैयार हैं। उनकी मुख्य मांगें:

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  1. तत्काल छापेमारी और क्लब बंद करना।
  2. नशेड़ियों पर सख्त कार्रवाई।
  3. इलाके में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाना।
  4. स्कूल रूट पर स्पेशल सिक्योरिटी।

महाराष्ट्र सरकार की ‘महा पुलिस’ योजना के तहत ऐसे इलाकों को साफ करने का वादा था। अब वक्त आ गया है अमल का।

आगे क्या? उम्मीद की किरण

पिंपलनेर जैसे छोटे शहरों में Pimpalner Illegal Activities रोकना जरूरी है, वरना पूरा इलाका बर्बाद हो जाएगा। अगर आप भी प्रभावित हैं, तो थाने या डीएम ऑफिस में शिकायत करें। सोशल मीडिया पर आवाज उठाएं

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Anil Borade

महाराष्ट्र के धूलिया जिले से हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे ज़मीनी हकीकत को उजागर करने वाली पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं और सामाजिक मुद्दों, राजनीति व जनहित से जुड़े विषयों पर गहरी पकड़ रखते हैं। वर्तमान में वे प्रतिष्ठित नेशनल न्यूज़ चैनल भारत 24 में संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे Fact Finding के धूलिया जिला ब्यूरो के प्रमुख भी हैं, जहाँ से वे विश्वसनीय, तथ्यपरक और निष्पक्ष खबरें पाठकों तक पहुंचाते हैं।

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