- महाशिवरात्रि जुलूस के दौरान दिए गए भाषण पर मनोज परमार के खिलाफ मामला दर्ज।
- वायरल वीडियो के बाद मुस्लिम समाज ने शिकायत की, प्रशासन तुरंत हरकत में आया।
- कोतवाली पुलिस ने BNS 196 और 299 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में महाशिवरात्रि के मौके पर निकली भोले की बारात अब चर्चा का विषय बन गई है। Burhanpur Controversy उस वक्त खड़ी हो गई जब इंदौर से आए हिंदूवादी नेता और अखिल भारत बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगा।
रविवार को गणपति मंदिर से परंपरागत तरीके से भोले की बारात निकली थी। ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच जुलूस आगे बढ़ता हुआ कोतवाली थाना क्षेत्र के फुलचौक पहुंचा। इसी दौरान मनोज परमार ने करीब दस मिनट तक सभा को संबोधित किया। आरोप है कि भाषण के दौरान उन्होंने वर्ग विशेष को लेकर आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी की।
बताया जा रहा है कि यह भाषण बाद में उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर भी अपलोड किया गया। वीडियो सामने आने के बाद मामला और तूल पकड़ गया। सोशल मीडिया पर क्लिप वायरल होते ही प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शहर में चर्चा तेज हो गई।
मुस्लिम समाज ने की शिकायत
Burhanpur Controversy तब और गंभीर हो गई जब शहर के मुस्लिम समाज के समाजसेवियों ने इस मामले को लेकर तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि भाषण से सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है और ऐसी टिप्पणियां शहर की शांति के लिए ठीक नहीं हैं।
शिकायत मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। कलेक्टर और एसपी पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। अधिकारियों ने स्थिति पर नजर रखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
BNS की धाराओं में मामला दर्ज
कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर मनोज परमार और भोले की बारात के आयोजक अमित वारुड़े के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 299 के तहत केस दर्ज किया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और वीडियो की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सोशल मीडिया से बढ़ी हलचल
आज के दौर में किसी भी घटना का असर सोशल मीडिया के जरिए तेजी से फैलता है। इस मामले में भी वीडियो वायरल होने के बाद Burhanpur Controversy ने जोर पकड़ लिया। शहर के अलग-अलग वर्गों में इस पर चर्चा हो रही है।
प्रशासन की कोशिश है कि स्थिति सामान्य बनी रहे और किसी तरह की अफवाह या तनाव न फैले। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के कोई सामग्री साझा न करें।
शहर में शांति बनाए रखने की अपील
बुरहानपुर जैसे संवेदनशील शहर में धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासन पहले से अलर्ट रहता है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस लगातार निगरानी कर रही है ताकि किसी तरह का विवाद न बढ़े।
Burhanpur Controversy ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक मंचों से दिए जाने वाले भाषणों में संयम कितना जरूरी है। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और प्रशासन का कहना है कि कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
आने वाले दिनों में पुलिस जांच के बाद और तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल शहर में शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।










