- धुले के पिंपलनेर में 16 वर्षीय आरोपी ने 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास किया।
- बच्ची ने परिजनों को घटना बताई, पुलिस ने आरोपी को पोक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया।
- इलाके में नाबालिगों के साथ छेड़छाड़ और नशे का अवैध कारोबार बढ़ रहा है।
महाराष्ट्र के धुले जिले में एक बार फिर नाबालिग के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। पिंपलनेर पुलिस थाना क्षेत्र के एक गांव में महज 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया। हालांकि बच्ची की हिम्मत और परिजनों की सूझबूझ से आरोपी को वक्त रहते पकड़ लिया गया। यह dhule minor case इलाके में बढ़ते अपराधों की ओर इशारा करता है।
घटना के मुताबिक, आरोपी ने बच्ची को अपने घर की छत पर बुलाया और उसके साथ गंदी हरकत करने की कोशिश की। जब बच्ची ने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपी ने बच्ची से कहा कि अगर उसने किसी को इस बारे में बताया तो वो उसे मार डालेगा। लेकिन बच्ची ने डर के बावजूद अपने घरवालों को पूरी बात बता दी।
परिजनों ने तुरंत की पुलिस में शिकायत
बच्ची की आपबीती सुनकर परिवार के लोग सन्न रह गए। उन्होंने बिना देर किए पिंपलनेर पुलिस थाना प्रभारी से संपर्क किया और पूरा मामला बताया। इस dhule minor case में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 16 साल के आरोपी और उसके पिता को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 75(2)(35) और पोक्सो एक्ट की धारा 7 और 8 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को धुले के किशोर सुधार गृह भेज दिया गया है। यह मामला नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पिंपलनेर क्षेत्र में बढ़ रहे हैं अपराध
पिंपलनेर पुलिस थाना क्षेत्र में पिछले कुछ समय से स्कूली छात्राओं और नाबालिग बच्चियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। इस ताजा dhule minor case के बाद स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में क्राइम बढ़ता जा रहा है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई नाकाफी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि धुले जिले में गुटखा और गांजा जैसे नशीले पदार्थों पर बैन के बावजूद पिंपलनेर क्षेत्र में ये खुलेआम बिक रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि नशे की बढ़ती लत की वजह से युवाओं में अपराध की प्रवृत्ति बढ़ रही है। गांजा और गुटखा का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, लेकिन इस पर अंकुश लगता नजर नहीं आ रहा।
अवैध धंधों पर नहीं हो रही कार्रवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिंपलनेर थाना क्षेत्र में अवैध वसूली और अवैध धंधों का बोलबाला है। लोग थाना अधिकारियों से शिकायत करने जाते हैं तो उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाता। कार्रवाई सिर्फ कागजों पर होती दिखती है, जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
इलाके के लोग अब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते इन अपराधों पर लगाम नहीं लगाई गई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। खासतौर पर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।
पोक्सो एक्ट के तहत सख्त सजा का प्रावधान
पोक्सो एक्ट (बच्चों से यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम) के तहत नाबालिगों के साथ किसी भी तरह की बदसलूकी पर सख्त सजा का प्रावधान है। इस कानून में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इस dhule minor case में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की, जो सराहनीय है।
हालांकि सवाल यह उठता है कि ऐसी घटनाएं हो ही क्यों रही हैं? समाज में जागरूकता की कमी, पुलिस की निगरानी में कमी और नशे की बढ़ती समस्या ऐसे अपराधों को बढ़ावा दे रही है। जरूरत इस बात की है कि सिर्फ घटना के बाद कार्रवाई करने की बजाय ऐसे अपराधों को रोकने के लिए पहले से कदम उठाए जाएं।
वरिष्ठ अधिकारियों से कार्रवाई की मांग तेज
धुले के पिंपलनेर क्षेत्र में इस गंभीर मामले के बाद स्थानीय लोगों ने जिला पुलिस अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। लोगों का कहना है कि थाना स्तर पर शिकायतें दर्ज नहीं होतीं और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस प्रशासन इलाके में नियमित गश्त बढ़ाए और नशे के अवैध कारोबार पर सख्ती से कार्रवाई करे। साथ ही स्कूलों और गांवों में बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए।
माता-पिता रहें सतर्क, बच्चों से रखें खुली बातचीत
इस dhule minor case से यह सीख मिलती है कि माता-पिता को अपने बच्चों के साथ खुली बातचीत रखनी चाहिए। बच्चों को यह सिखाना जरूरी है कि अगर कोई उनके साथ गलत व्यवहार करे तो वे तुरंत घरवालों को बताएं। इस मामले में बच्ची ने अपने परिजनों पर भरोसा किया और सब कुछ बता दिया, इसी वजह से आरोपी को पकड़ा जा सका।
माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और उन्हें अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में समझाएं। बच्चों को यह बताना जरूरी है कि कोई भी उन्हें धमकाकर चुप नहीं करा सकता। उन्हें हमेशा अपने माता-पिता पर भरोसा करना चाहिए।
स्कूलों में भी जरूरी है जागरूकता
इस तरह के मामलों को रोकने के लिए स्कूलों में भी बच्चों को सुरक्षा के बारे में जागरूक करना जरूरी है। शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए कि वे बच्चों के व्यवहार में होने वाले बदलावों को पहचान सकें। अगर कोई बच्ा परेशान दिखे तो उससे प्यार से बात करके मामले की तह तक जाना चाहिए।
पिंपलनेर क्षेत्र में इस मामले के बाद पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह इलाके में गश्त बढ़ाए और अपराधियों पर सख्त नकेल कसे। साथ ही स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं।
धुले जिले के अधिकारियों को इस dhule minor case को गंभीरता से लेना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
















