- सेंसेक्स 1000 अंक धड़ाम, निफ्टी 25K पर लुढ़का – दो दिन में 2000 पॉइंट का भारी नुकसान!
- ट्रंप टैरिफ का डर + रुपया 91.10 पर – FIIs ने जनवरी में 29,000 करोड़ बेच डाले!
- रिलायंस-बैंकों के कमजोर रिजल्ट – ग्लोबल टेंशन ने मार्केट को रुला दिया!
Stock Market Crash: आज बुधवार 21 जनवरी को शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है, जिससे छोटे से लेकर बड़े सभी निवेशकों की धड़कनें तेज हो गई हैं। सुबह से ही बिकवाली इतनी तेज रही कि दिन के कारोबार के दौरान Sensex लगभग 1,000 अंक टूटकर 81,124 के निचले स्तर तक फिसल गया। फिलहाल इंडेक्स करीब 600 अंक या लगभग 0.72% की गिरावट के साथ 81,600 के आसपास ट्रेड कर रहा है।
Nifty में भी आज अच्छी–खासी कमजोरी दिख रही है। इंडेक्स करीब 200 अंक यानी लगभग 0.80% टूटकर 25,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। Sensex के 30 में से सिर्फ 5 शेयर हरे निशान में हैं, बाकी 25 स्टॉक्स लाल निशान में हैं, जो मार्केट में Broad–Based Selling का साफ संकेत है।
सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, ऑटो, रियल्टी और IT सेक्टर के शेयरों में दिख रहा है, जहां ट्रेडर्स जमकर मुनाफावसूली कर रहे हैं। इन हाई बीटा सेक्टर्स में गिरावट ने पूरे इंडेक्स को नीचे खींच दिया है और माहौल एक तरह से Stock Market Crash जैसा बन गया है।
दो दिन में 2,000 पॉइंट से ज्यादा की गिरावट
आज की गिरावट कोई वन–डे कहानी नहीं है, इसके पीछे पिछले दो दिनों से चल रहा लगातार प्रेशर भी जुड़ा हुआ है। मंगलवार 20 जनवरी को भी Sensex 1,065 अंक यानी 1.28% टूटकर 82,180 पर बंद हुआ था, जबकि Nifty 353 अंक (1.38%) गिरकर 25,233 के स्तर पर आ गया था।
अब बुधवार 21 जनवरी को इंट्राडे में Sensex 1,000 पॉइंट तक टूट चुका है और Nifty भी 200 अंक तक फिसला है। दो दिन मिलाकर देखें तो Sensex से 2,000 पॉइंट से ज्यादा की गिरावट निकल चुकी है, जिससे Short Term ट्रेडर्स के साथ लॉन्ग–टर्म इन्वेस्टर्स भी सतर्क हो गए हैं।
गिरावट के 4 बड़े कारण (आज की स्थिति के हिसाब से)
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक आज बुधवार 21 जनवरी के Stock Market Crash के पीछे चार बड़े फैक्टर काम कर रहे हैं।
1. ट्रेड वॉर का नया खतरा और Greenland विवाद
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ग्रीनलैंड को उसके नेचुरल रिसोर्सेज के लिए अमेरिका का हिस्सा बनाना चाहते हैं, जिस पर यूरोपियन देश खुलकर विरोध कर रहे हैं।
- ट्रम्प ने उन यूरोपीय सहयोगी देशों से होने वाले आयात पर टैरिफ लगाने की चेतावनी दे दी है, जो ग्रीनलैंड पर कब्जे के खिलाफ खड़े हैं।
- इससे अमेरिका–यूरोप के बीच नए ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ गया है और ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ी है, जिसका सीधा असर भारतीय Stock Market Crash के रूप में दिख रहा है।
2. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का रुख और Trump Tariff Policy
- मंगलवार 20 जनवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में ट्रम्प की नई Tariff Policy की वैधता पर सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट की टिप्पणियों से व्हाइट हाउस को कड़े व्यापारिक फैसले लेने की थोड़ी छूट मिलती दिख रही है।
- अगर यह नीति आक्रामक तरीके से लागू होती है तो भारत के IT और फार्मा जैसे एक्सपोर्ट–ओरिएंटेड सेक्टर्स के लिए खतरा बढ़ सकता है, क्योंकि इनकी बड़ी कमाई अमेरिका से आती है।
- इसी डर की वजह से आज बुधवार को इन सेक्टर्स में भारी बिकवाली दिखी और Stock Market Crash जैसा माहौल बन गया।
3. रुपया रिकॉर्ड लो पर और FII की लगातार बिकवाली
- भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 91.10 के ऑल–टाइम लो पर ट्रेड कर रहा है, जो करेंसी मार्केट के लिए बड़ी चेतावनी मानी जा रही है।
- रुपया कमजोर होने पर FIIs की डॉलर में कमाई घट जाती है, इसलिए वे रिस्क कम करने के लिए भारतीय मार्केट से पैसा निकाल रहे हैं।
- NSDL के शुरुआती डेटा के मुताबिक, जनवरी में FIIs अब तक 29,000 करोड़ रुपए से ज्यादा निकाल चुके हैं और 20 जनवरी को अकेले 2,191 करोड़ रुपए के शेयर बेच दिए।
- दूसरी तरफ DIIs ने उसी दिन 2,755 करोड़ रुपए की खरीदारी की और दिसंबर 2025 में भी 79,620 करोड़ रुपए के शेयर खरीदकर बाजार को संभालने की कोशिश की थी, लेकिन FII Selling का दबाव इतना ज्यादा है कि आज जैसा Stock Market Crash जैसा माहौल बन रहा है।
4. Reliance और प्राइवेट बैंकों के कमजोर रिजल्ट
- तीसरी तिमाही (Q3FY26) के रिजल्ट सीजन में Reliance Industries और कुछ बड़े प्राइवेट बैंकों के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे।
- ग्लोबल सप्लाई चेन में दिक्कतों और कॉस्ट बढ़ने की वजह से इन कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव आया, जिसके चलते इनके शेयरों में जोरदार गिरावट आई।
- चूंकि Reliance और प्राइवेट बैंक Sensex और Nifty के हैवीवेट स्टॉक्स हैं, इसलिए इन पर गिरावट ने पूरे इंडेक्स को नीचे धकेल दिया और दो दिन में 2,000 पॉइंट से ज्यादा का Stock Market Crash देखा गया।
ग्लोबल मार्केट का हाल (बुधवार 21 जनवरी)
- एशियाई बाजारों में भी माहौल कमजोर है। कोरिया का KOSPI 0.26% गिरकर 4,873 पर और जापान का Nikkei 0.56% टूटकर 52,693 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।
- हांगकांग का Hang Seng 0.13% गिरकर 26,453 पर और चीन का Shanghai Composite 0.16% की मामूली बढ़त के साथ 4,120 पर कारोबार कर रहा है।
- अमेरिकी बाजारों में मंगलवार 20 जनवरी को Dow Jones में 1.76%, Nasdaq में 2.39% और S&P 500 में 2.06% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे ग्लोबल सेंटीमेंट और कमजोर हुआ है।
FII–DII डेटा: कौन बेच रहा, कौन संभाल रहा
- मंगलवार 20 जनवरी को FIIs ने 2,191 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि DIIs ने 2,755 करोड़ रुपए के शेयर्स खरीदे।
- दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल 34,350 करोड़ रुपए की बिकवाली की थी, जबकि DIIs ने 79,620 करोड़ रुपए की जमकर खरीदारी कर बाजार को सपोर्ट दिया था।
- अभी ट्रेंड यही है कि FIIs रिस्क घटा रहे हैं और DIIs गिरावट में चुनिंदा क्वालिटी स्टॉक्स उठा रहे हैं, लेकिन शॉर्ट–टर्म में FII Selling Stock Market Crash जैसा प्रेशर बना रही है।
Shadowfax Technologies IPO: गिरावट के बीच भी मौका
- बुधवार 21 जनवरी को Shadowfax Technologies IPO का दूसरा दिन है और इश्यू 22 जनवरी तक ओपन रहेगा।
- कंपनी ने प्राइस बैंड 118 से 124 रुपए प्रति शेयर तय किया है। रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए मिनिमम 120 शेयर का एक लॉट जरूरी है, यानी कम से कम 14,880 रुपए का निवेश करना होगा।
- कुल IPO साइज 1,907 करोड़ रुपए है, जिसमें 1,000 करोड़ रुपए का फ्रेश इश्यू और 907 करोड़ रुपए का Offer for Sale (OFS) शामिल है। गिरावट के माहौल में भी कुछ इन्वेस्टर्स इस तरह के इश्यू को लिस्टिंग गेन और लॉन्ग–टर्म स्टोरी के लिए देख रहे हैं।
Sensex–Nifty की दो दिन की टूट: टेबल में आसान समझ
Sensex–Nifty दो दिन की गिरावट (20–21 जनवरी)
| दिन / इंडेक्स | लेवल / बंद भाव | आज/इंट्राडे लो | गिरावट (लगभग) | मुख्य कारण |
|---|---|---|---|---|
| 20 जनवरी – Sensex | 82,180 पर बंद | – | 1,065 अंक नीचे[1] | ग्लोबल टेंशन, FII Selling |
| 20 जनवरी – Nifty | 25,233 पर बंद | – | 353 अंक नीचे | बैंकिंग–रियल्टी में दबाव |
| 21 जनवरी – Sensex | ओपनिंग 82,000+ के आसपास (अनुमानित ट्रेंड) | 81,124 इंट्राडे लो | इंट्राडे में 1,000 अंक तक की गिरावट | Weak Rupee, Reliance–बैंक रिजल्ट, ग्लोबल फॉल |
| 21 जनवरी – Nifty | 25,233 (पिछला क्लोज) | 25,000 के पास ट्रेड | 200 अंक तक की गिरावट | IT, ऑटो, रियल्टी में बिकवाली |
यह टेबल साफ दिखाती है कि मंगलवार और बुधवार मिलाकर बाजार पर कितना दबाव बना है और किस तरह Stock Market Crash की स्थिति बनती दिख रही है।
छोटे निवेशकों के लिए आज की सीख
- घबराकर आज ही के दिन सारी होल्डिंग बेच डालना सही स्ट्रैटेजी नहीं होती, खासकर अगर निवेश 3–5 साल या उससे ज्यादा के नजरिए से किया गया है।
- Stock Market Crash जैसे दिनों में अच्छी क्वालिटी वाले स्टॉक्स डिस्काउंट पर मिलते हैं, इसलिए बिना रिसर्च किए बेचने से बेहतर है कि व्यवस्थित प्लानिंग से पोर्टफोलियो को रिव्यू किया जाए।
- FII Selling, Weak Rupee, Trump Tariff और Greenland विवाद जैसे फैक्टर्स शॉर्ट–टर्म में वॉलेटिलिटी बढ़ाते हैं, लेकिन मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियां समय के साथ रिकवर होती हैं।
आज बुधवार 21 जनवरी का यह Stock Market Crash छोटे निवेशकों को यह याद दिला रहा है कि मार्केट में सिर्फ तेजी ही नहीं, गिरावट के दिनों के लिए भी स्ट्रैटेजी तैयार रखना जरूरी है।













