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MP Government Bus Service की वापसी: AICTSL में 150 संविदा नौकरियां, भर्ती MP Online से

MP Government Bus Service जल्द शुरू होगी। AICTSL में 150 संविदा कर्मचारियों की भर्ती MP Online और TCS के जरिए लिखित परीक्षा से होगी। जानिए eligibility, process और नई बस सेवा की खास बातें।

Updated at: Wed, 21 Jan 2026, 11:19 AM (IST)
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MP Government Bus Service में AICTSL 150 संविदा नौकरियां, MP Online भर्ती
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हाइलाइट्स
  • ऐतिहासिक वापसी: 21 साल बाद अप्रैल 2026 से शुरू होगी MP सरकारी बस सेवा, इंदौर से होगा संचालन।
  • बंपर भर्ती: AICTSL में 150 संविदा पदों पर MP Online परीक्षा के जरिए होगी सीधी भर्ती।
  • स्मार्ट सुरक्षा: CCTV और 24×7 मॉनिटरिंग से लैस होंगी बसें, नियमों के उल्लंघन पर अनुबंध होगा रद्द।

मध्य प्रदेश में एक बार फिर MP Government Bus Service शुरू होने जा रही है, जिससे आम लोगों की जेब पर बोझ कम होगा और बेरोजगार युवाओं के लिए नए नौकरी मौके भी खुलने वाले हैं। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत सरकारी बसों के संचालन की तैयारी तेज हो चुकी है और अप्रैल से बसों को लीज पर लेकर चरणबद्ध तरीके से सड़क पर उतारा जाएगा।

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150 संविदा कर्मचारियों की भर्ती, ऐसे मिल सकता है मौका

इंदौर की अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AICTSL) में कुल 150 संविदा कर्मचारियों की भर्ती होने वाली है। यह सभी भर्तियां कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर होंगी और प्रक्रिया पूरी तरह लिखित परीक्षा के जरिए MP Online और TCS के माध्यम से संपन्न की जाएगी।

  • भर्ती AICTSL के लिए संविदा पर होगी।
  • आवेदन प्रक्रिया MP Online प्लेटफॉर्म से प्रस्तावित है।
  • लिखित परीक्षा TCS के माध्यम से कराई जाएगी।[1]
  • सभी अभ्यर्थियों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन अनिवार्य रहेगा।

सरकारी स्तर पर दावा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और ऑनलाइन मोड में रहेगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को मौका मिले और किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश कम हो।

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कब से चलेंगी बसें और कौन चलाएगा

अप्रैल में बसों को अनुबंधित यानी लीज पर लेने की प्रक्रिया शुरू होगी, उसके बाद चरणबद्ध तरीके से रूट तय करके ऑपरेशन शुरू किया जाएगा। इंदौर संभाग की बस सेवा का संचालन सीधे AICTSL के हाथ में रहेगा, जबकि बाकी संभागों में अलग-अलग सहायक कंपनियों को जिम्मेदारी दी जाएगी।

  • इंदौर division: संचालन AICTSL करेगा।
  • अन्य संभाग: अलग-अलग सहायक कंपनियां बसें चलाएंगी।
  • शुरुआत में चुनिंदा रूट पर बसें चलाकर नेटवर्क बढ़ाया जाएगा।

इस मॉडल से स्थानीय स्तर पर भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और शहर से लेकर कस्बों तक कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

बसों का कलर, ब्रांडिंग और नया रेवेन्यू मॉडल

सरकार की योजना है कि MP Government Bus Service के तहत चलने वाली सभी बसें एक जैसे रंग और लुक में हों, ताकि यात्रियों को आसानी से सरकारी बसों की पहचान हो सके। फिलहाल सफेद और नारंगी रंग के कॉम्बिनेशन पर विचार चल रहा है, हालांकि अंतिम फैसला अभी होना बाकी है।

बस ऑपरेशन के लिए नया रेवेन्यू मॉडल भी तैयार किया गया है।

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  • 95 प्रतिशत आय बस ऑपरेटर को।
  • 5 प्रतिशत हिस्सा कंपनी (ऑपरेटिंग कंपनी/AICTSL आदि) के पास रहेगा।
  • पूरी कमाई का डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम रहेगा।

इस मॉडल से प्राइवेट ऑपरेटर को भी लाभ होगा और उन्हें नियमित, सुरक्षित सेवा देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

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सुरक्षा और मॉनिटरिंग: यात्रियों की सेफ्टी पर फोकस

नई बस सेवा में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

  • हर बस में CCTV कैमरे लगेंगे।[1]
  • Vehicle Location Tracking Device (VLTD) अनिवार्य होगा।
  • सभी बसों पर कंट्रोल रूम से 24×7 निगरानी रहेगी।[1]
  • फ्लाइंग स्क्वॉड आकस्मिक जांच के लिए समय-समय पर चेकिंग करेगा।

इस सिस्टम से तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग, अनावश्यक रेस और मनमाने रूट बदलने जैसी समस्याओं पर काफी हद तक रोक लग सकेगी।

टाइम टेबल और रूट प्लानिंग, हर 15 मिनट पर बस

निजी बसों पर अक्सर आरोप लगते रहे हैं कि वे यात्रियों की होड़ में 2-2 मिनट के अंतराल पर बस चलाकर रफ्तार बढ़ा देते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। नई पॉलिसी के तहत इंदौर–उज्जैन जैसे व्यस्त रूट पर हर 15 मिनट में बस चलाने की योजना है, ताकि सर्विस भी रेगुलर रहे और भीड़ भी नियंत्रित रहे।

  • औसतन 70 प्रतिशत सीट भराव का लक्ष्य रखा गया है।
  • तय समय पर बस निकलने और पहुंचने को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • तेज रफ्तार और रेस जैसी प्रवृत्तियों पर सख्त निगरानी होगी।

इससे आम यात्रियों को तय समय पर बस मिलने के साथ-साथ सुरक्षित सफर का भरोसा भी मिलेगा।

अनुशासन न तोड़ा तो ठीक, वरना अनुबंध रद्द

नई व्यवस्था में बस ऑपरेटरों के लिए भी सख्त नियम रखे गए हैं।

  • पहली गलती पर चेतावनी।
  • दूसरी और तीसरी गलती पर भी चेतावनी और निगरानी बढ़ेगी।
  • चौथी बार नियम तोड़ने पर सीधे बस का अनुबंध निरस्त कर दिया जाएगा।
  • अनुबंध रद्द होने के बाद वही बस दोबारा इस सेवा में नहीं चल सकेगी।

इससे यह मेसेज जाएगा कि सिस्टम से समझौता नहीं होगा और यात्री सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

MP Government Bus Service: मुख्य पॉइंट्स एक नजर में

पॉइंटडिटेल
योजना का नामMP Government Bus Service, मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत बस ऑपरेशन
भर्तीAICTSL में 150 संविदा कर्मचारियों की भर्ती
भर्ती प्रक्रियाMP Online और TCS के जरिए लिखित परीक्षा, वेरिफिकेशन अनिवार्य
संचालन की शुरुआतअप्रैल से बसों को अनुबंधित कर चरणबद्ध तरीके से ऑपरेशन
बसों का संचालनइंदौर में AICTSL, अन्य संभागों में सहायक कंपनियां
बसों का रंगसफेद–नारंगी कॉम्बिनेशन पर विचार, अंतिम निर्णय शेष
रेवेन्यू मॉडल95% आय ऑपरेटर को, 5% कंपनी को, डिजिटल मॉनिटरिंग
सुरक्षा इंतजामCCTV, VLTD, कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग, फ्लाइंग स्क्वॉड
रूट प्लानिंगव्यस्त रूट पर हर 15 मिनट में बस, 70% औसत सीट भराव लक्ष्य
अनुशासन नियम3 बार चेतावनी, चौथी बार अनुबंध रद्द, बस दोबारा नहीं चल सकेगी

इस तरह MP Government Bus Service न सिर्फ सस्ती और सुरक्षित यात्रा का विकल्प देने जा रही है, बल्कि मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए नए रोजगार के दरवाजे भी खोल रही है। यह मॉडल अगर सफल रहा तो आने वाले समय में और भी ज्यादा रूट और बसें जोड़कर नेटवर्क को और मजबूत किया जा सकता है।

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Sameer Mahajan

समीर महाजन, Fact Finding न्यू एज डिजिटल मीडिया के फाउंडर और संपादक हैं। उन्होंने प्रमुख समाचार चैनलों में संवाददाता के रूप में कार्य किया और वर्तमान में बड़े न्यूज़ नेटवर्क से जुड़े हैं। उनकी विशेषता राजनीति, अपराध, खेल, और सामाजिक मुद्दों में है। Fact Finding की स्थापना का उद्देश्य उन खबरों को उजागर करना है जो मुख्यधारा मीडिया में दब जाती हैं, ताकि सच्चाई और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

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