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दिसंबर में UPI Transactions ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, 28 लाख करोड़ का आंकड़ा

दिसंबर 2024 में UPI transactions ने नया रिकॉर्ड बनाया। 21.6 अरब लेनदेन के साथ 28 लाख करोड़ रुपये का डिजिटल पेमेंट हुआ। जानें पूरी डिटेल।

Edited By: Sameer Mahajan
Updated at: Fri, 02 Jan 2026, 10:26 AM (IST)
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UPI transactions December 2024 reached 28 lakh crore rupees with 21.6 billion transactions
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देश में डिजिटल पेमेंट का जो क्रेज बढ़ रहा है, उसकी एक और मिसाल सामने आई है। दिसंबर 2024 में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने एक बार फिर से सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, UPI transactions December 2024 में 21.6 अरब से भी ज्यादा रहे और इनकी कुल वैल्यू करीब 28 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

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नवंबर की तुलना में कितना बढ़ा आंकड़ा?

अगर हम नवंबर 2024 के आंकड़ों पर नजर डालें तो उस महीने कुल 20.47 अरब लेनदेन हुए थे, जिनकी वैल्यू 26.32 लाख करोड़ रुपये थी। यानी दिसंबर में लेनदेन की संख्या में करीब 1.13 अरब की बढ़ोतरी हुई है और वैल्यू के मामले में लगभग 1.68 लाख करोड़ रुपये का इजाफा देखने को मिला।

नवंबर में UPI पर थोड़ी सुस्ती देखी गई थी, लेकिन दिसंबर में त्योहारी सीजन और साल के आखिर में खरीदारी के चलते UPI transactions December 2024 में जबरदस्त उछाल आया। यह वाकई में एक शानदार कमबैक रहा।

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रोजाना कितने लेनदेन हो रहे हैं?

सबसे दिलचस्प बात यह है कि दिसंबर में UPI के जरिए रोजाना औसतन 69.8 करोड़ (698 मिलियन) लेनदेन हुए, जबकि नवंबर में यह आंकड़ा 68.2 करोड़ (682 मिलियन) प्रतिदिन था। मतलब साफ है कि लोग अब छोटी से छोटी खरीदारी के लिए भी UPI का इस्तेमाल कर रहे हैं।

चाहे सुबह की चाय हो या शाम की किराने की खरीदारी, लोग अब कैश की जगह मोबाइल से पेमेंट करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। यह ट्रेंड साफ दिखाता है कि भारत तेजी से कैशलेस इकोनॉमी की तरफ बढ़ रहा है।

UPI की कामयाबी की क्या वजहें हैं?

UPI की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे कई कारण हैं। सबसे पहली बात तो यह कि UPI का इस्तेमाल बेहद आसान है। बस मोबाइल नंबर या QR कोड स्कैन करके सेकंडों में पेमेंट हो जाता है।

दूसरा, PhonePe, Google Pay, Paytm जैसे ऐप्स ने UPI को आम लोगों तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है। कैशबैक और रिवॉर्ड्स की स्कीम भी लोगों को डिजिटल पेमेंट की तरफ खींच रही हैं।

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तीसरा, सरकार की डिजिटल इंडिया मुहिम ने भी लोगों को डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए प्रोत्साहित किया है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े रिटेलर्स तक सभी अब UPI पेमेंट स्वीकार कर रहे हैं।

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

फिनटेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि UPI transactions December 2024 के आंकड़े भारत की डिजिटल इकोनॉमी की मजबूती को दर्शाते हैं। आने वाले महीनों में यह आंकड़ा और भी तेजी से बढ़ सकता है।

डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि 2025 में UPI के जरिए महीने में 25 अरब से ज्यादा लेनदेन होने की संभावना है। ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की पहुंच बढ़ने और स्मार्टफोन सस्ते होने से UPI का इस्तेमाल और बढ़ेगा।

आगे क्या संभावनाएं हैं?

NPCI लगातार UPI सिस्टम को बेहतर बना रहा है। अब UPI से सिर्फ पेमेंट ही नहीं, बल्कि इंश्योरेंस प्रीमियम, म्यूचुअल फंड में निवेश, लोन की EMI जैसे कई काम किए जा सकते हैं।

क्रेडिट कार्ड को UPI से लिंक करने की सुविधा भी शुरू हो चुकी है, जिससे आने वाले दिनों में ट्रांजैक्शन और बढ़ सकते हैं। इंटरनेशनल UPI पेमेंट की सुविधा भी धीरे-धीरे विस्तार पा रही है।

डिजिटल इंडिया की बड़ी उपलब्धि

दिसंबर 2024 में UPI transactions December 2024 ने जो रिकॉर्ड बनाया है, वह भारत की डिजिटल क्रांति की एक बड़ी उपलब्धि है। 28 लाख करोड़ रुपये के डिजिटल भुगतान और 21.6 अरब लेनदेन का आंकड़ा दुनिया भर में भारत की डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती को दर्शाता है। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा और भारत जल्द ही पूरी तरह से कैशलेस इकोनॉमी की तरफ बढ़ता नजर आएगा।

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