महाराष्ट्र: Cattle Fodder Fire Amravati की यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है। अमरावती जिले के वायगाव गांव में किसान आशिष इंगोले के साथ बेहद दुखद घटना घटी है। किसान ने अपने पशुओं के लिए पूरे साल भर का चारा जमा करके रखा था, लेकिन किसी अनजान व्यक्ति ने रात के अंधेरे में उनका सारा चारा जलाकर राख कर दिया। इस cattle fodder fire Amravati घटना के बाद किसान पूरी तरह से टूट चुके हैं और अब उनके सामने सबसे बड़ा सवाल है कि अपने पशुओं को खिलाएं कैसे?
मेहनत की कमाई हुई राख
आशिष इंगोले ने बताया कि इस साल सोयाबीन की फसल इतनी खराब हुई थी कि उसे काटना और मंडी तक ले जाना भी फायदेमंद नहीं लग रहा था। ऐसे में उन्होंने सोचा कि क्यों न इस सोयाबीन के पौधों को ही पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने पूरी मेहनत से सोयाबीन के कुट्टे (डंठल और पत्तियां) इकट्ठा किए और उन्हें अपने खेत में सुरक्षित जगह पर रख दिया।
इतना ही नहीं, आशिष ने अपने पड़ोसी किसानों से भी चारा खरीदा था ताकि उनके पशुओं को पूरे साल भर के लिए पर्याप्त चारा मिल सके। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
रात में हुई शर्मनाक घटना
कुछ दिन पहले रात के समय किसी अज्ञात व्यक्ति ने आशिष के खेत में जाकर चारे के ढेर में आग लगा दी। देखते ही देखते पूरा चारा जलकर खाक हो गया। यह cattle fodder fire Amravati की गंभीर घटना किसानों के लिए बड़ा झटका साबित हुई है। सुबह जब आशिष अपने खेत पर पहुंचे तो उनकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया। महीनों की मेहनत और हजारों रुपये का निवेश कुछ ही घंटों में बर्बाद हो चुका था।
अब क्या होगा पशुओं का?
आशिष इंगोले के पास कई गाय-भैंसें हैं जिनके दूध से उनके परिवार की आजीविका चलती है। अब चारा जल जाने के बाद उनके सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि वो अपने पशुओं को खिलाएं क्या? बाजार में चारा बेहद महंगा हो चुका है और अभी तुअर (तूर) की फसल आने में करीब दो महीने का समय है।
किसान का कहना है कि ये दो महीने उनके और उनके पशुओं के लिए बेहद मुश्किल भरे होने वाले हैं। न तो उनके पास इतना पैसा है कि वो बाजार से महंगा चारा खरीद सकें और न ही खेतों में अभी कोई हरा चारा उपलब्ध है।
अमरावती में पशु चारे का गंभीर संकट
दरअसल, यह समस्या सिर्फ आशिष इंगोले की नहीं है। Cattle fodder fire Amravati जैसी घटनाओं ने पूरे जिले में पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पूरे अमरावती जिले में इस समय पशु चारे की भारी किल्लत है। इस साल खरीफ सीजन में कम बारिश और बेमौसम बारिश की वजह से फसलें खराब हो गई थीं। ऐसे में किसानों ने अपनी फसलों को ही चारे के रूप में इस्तेमाल करने का फैसला किया था।
लेकिन अब जब उस चारे को भी कोई जला रहा है तो किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पशुपालन करने वाले किसानों के लिए यह बेहद चिंताजनक स्थिति है क्योंकि उनकी पूरी आमदनी दूध पर ही निर्भर करती है।
प्रशासन से मदद की गुहार
आशिष इंगोले ने इस cattle fodder fire Amravati घटना को लेकर स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और इस मामले की गहन जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन से भी मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि अगर सरकार इस समय पशु चारा उपलब्ध कराने में मदद करे या फिर सब्सिडी पर चारा दे तो उनकी और उनके जैसे अन्य किसानों की जान में जान आ सकती है।
किसानों की बढ़ती परेशानी और सुरक्षा का सवाल
इस घटना ने एक बार फिर किसानों की दुर्दशा को सामने ला दिया है। एक तरफ फसलों का सही दाम नहीं मिल रहा, दूसरी तरफ प्राकृतिक आपदाएं और अब ऐसी शर्मनाक घटनाएं किसानों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। वायगाव के अन्य किसानों ने भी आशिष का साथ देते हुए कहा है कि cattle fodder fire Amravati जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
स्थानीय किसानों की मांग है कि पुलिस इस मामले में जल्द से जल्द दोषियों को पकड़े और उन्हें सजा दिलाए। साथ ही सरकार को पशु चारे की समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए और जरूरतमंद किसानों को तत्काल राहत प्रदान करनी चाहिए।
















