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जबलपुर में मृत मतदाता, बुरहानपुर में डुप्लीकेट नाम: MP Voter List Cleanup में खुलासा

MP Voter List Cleanup में Jabalpur में सबसे ज्यादा dead voters मिले, Bhopal-Indore में नाम कटने के मामले आगे, Burhanpur में multiple entry, 8.65 लाख को नोटिस।

Updated at: Wed, 24 Dec 2025, 1:04 PM (IST)
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MP Voter List Cleanup infographic showing Jabalpur 51000 dead voters and Burhanpur duplicate entry cases
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मध्य प्रदेश में MP Voter List Cleanup ने सबको हिलाकर रख दिया! जबलपुर में 51 हज़ार dead voters – सबसे ज्यादा! बुरहानपुर में एक ही नाम दो-दो जगह duplicate entry। भोपाल-इंदौर में लाखों नाम कटे। ये SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के चौंकाने वाले आंकड़े हैं जो चुनावी ईमानदारी पर बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं।

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Jabalpur में सबसे ज्यादा dead voters

SIR के पहले चरण में पता चला कि पूरे मध्य प्रदेश में करीब 8.40 लाख मतदाता मृत यानी dead voters के रूप में सूची में दर्ज थे। इनमें से सबसे ज्यादा संख्या जबलपुर की रही, जहां अकेले लगभग 51 हजार dead voters मिले। इसके साथ ही जिले में कुल 2.48 लाख नाम मतदाता सूची से घटे, जिनमें 1.98 लाख ऐसे लोग निकले जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके थे, जबकि 69,262 अनमैप्ड वोटर की कैटेगरी में आए।

जबलपुर जैसे बड़े शहरी जिले में MP Voter List Cleanup के दौरान इतनी भारी संख्या में dead voters मिलना प्रशासन और चुनाव आयोग, दोनों के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर अधिकारी अब बूथवार रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं कि इतने सालों तक ये नाम सूची में बने कैसे रहे और इन पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

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Bhopal–Indore में नाम कटने के रिकॉर्ड

ज्यादा dead voters भले ही जबलपुर में मिले हों, लेकिन मतदाता सूची से नाम काटने के मामले में Bhopal और Indore आगे निकल गए। भोपाल जिले में करीब 4.38 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जिनमें गोविंदपुरा और नरेला विधानसभा क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। यहां कुल वोटर संख्या 21.25 लाख से घटकर 16.87 लाख पर आ गई, जो अपने आप में बहुत बड़ा बदलाव है।

इसी तरह Indore में भी MP Voter List Cleanup के दौरान एक बड़ा कट लगा। इंदौर में अनुपस्थित और शिफ्ट हो चुके मतदाताओं की संख्या मिलाकर करीब 1.75 लाख से ज्यादा नाम हटाने की तैयारी हुई और कुल मिलाकर लगभग 4.4 लाख नाम संभावित रूप से हटाव की श्रेणी में आए। इस तरह राजधानी भोपाल और कारोबारी राजधानी इंदौर, दोनों जगह मतदाता सूची का चेहरा बदलता दिख रहा है।

Burhanpur में multiple entry का खेल

मतदाता सूची की इस सफाई में एक और बड़ा पहलू Multiple Entry का सामने आया। Burhanpur जिला इस मामले में टॉप पर रहा, जहां एक ही मतदाता का नाम दो या दो से ज्यादा जगह दर्ज होने के कई केस मिले। चुनाव आयोग की नजर में यह गंभीर अनियमितता मानी जाती है, क्योंकि इससे एक व्यक्ति के नाम पर एक से ज्यादा बार वोट डाले जाने की संभावना बढ़ जाती है।

Burhanpur में MP Voter List Cleanup के दौरान ऐसे मामलों को खास तौर पर चिन्हित किया गया। स्थानीय प्रशासन अब घर-घर जाकर यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर वोटर का नाम सिर्फ एक ही जगह सूची में रहे और जो लोग लंबे समय से दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके पुराने रिकॉर्ड को ठीक किया जा सके।

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पूरे MP के आंकड़े: कितने नाम हटे, कितने बचे

प्रदेश स्तर पर देखें तो SIR के पहले चरण में तस्वीर और भी बड़ी नजर आती है। जानकारी के मुताबिक, पूरे मध्य प्रदेश में करीब 8.40 लाख dead voters सूची में पाए गए, जबकि 22 लाख से ज्यादा वोटर ऐसे निकले जो अपना पुराना घर छोड़कर दूसरे शहर या राज्य में शिफ्ट हो चुके थे।

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इन्हीं सब को मिलाकर प्रदेश की मतदाता सूची से कुल 42.74 लाख नाम हटाए गए, जिनमें सबसे ज्यादा कटौती शहरी क्षेत्रों में हुई। इतनी भारी सफाई के बाद अब MP में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 5.31 करोड़ रह गई है। चुनाव विशेषज्ञों के मुताबिक, इतने बड़े स्तर पर voter list cleanup पिछली बार करीब 22 साल पहले देखा गया था।

8.65 लाख को भेजे जाएंगे नोटिस

SIR के दौरान सिर्फ नाम काटने की कार्रवाई ही नहीं हुई, बल्कि जिन मतदाताओं के फॉर्म अधूरे या संदिग्ध पाए गए, उन्हें भी सुधार का मौका दिया जा रहा है। इस श्रेणी में आने वाले लगभग 8.65 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

ड्राफ्ट मतदाता सूची 23 दिसंबर को जारी की गई है और अब सुनवाई के बाद अंतिम सूची तैयार होगी। जिन लोगों को नोटिस मिला है, उन्हें तय समय सीमा में बूथ लेवल ऑफिसर या संबंधित कार्यालय में दस्तावेजों के साथ पहुंचकर अपना रिकॉर्ड सही कराना होगा, वरना उनके नाम भी मतदाता सूची से हट सकते हैं। MP Voter List Cleanup की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और जनसुनवाई आधारित बताया जा रहा है, ताकि किसी सही मतदाता का नाम गलती से न कटे।

Unmapped voters और tracing की चुनौती

इस अभियान में एक खास टर्म बहुत सुनने को मिला – Unmapped Voters। यह वे वोटर हैं जिनका रिकॉर्ड ठीक से किसी बूथ या वार्ड से मैच नहीं हो पाया, या जिनकी जानकारी अधूरी होने के कारण उनका सही लोकेशन पता नहीं चल सका। सिर्फ जबलपुर में ही ऐसे 69,262 वोटर सामने आए, जिन्हें Unmapped की कैटेगरी में रखा गया है।

अब सबसे बड़ी चुनौती यही है कि इन Unmapped Voters को कैसे ट्रेस किया जाए। अधिकारी पुराने रिकॉर्ड, घरों के पते, आधार और दूसरे दस्तावेजों की मदद से इन्हें खोजने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि सही मतदाता को सूची से बाहर न कर दिया जाए। इसके साथ ही बूथ लेवल पर कर्मचारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है कि फील्ड विजिट कर ऐसे मतदाताओं की वास्तविक स्थिति की पुष्टि करें।

लोकतंत्र के लिए क्यों जरूरी है ये सफाई

MP Voter List Cleanup सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सीधे-सीधे लोकतंत्र की सेहत से जुड़ा मामला है। जब सूची में dead voters, duplicate names या शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम बने रहते हैं, तो चुनाव की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं और राजनीतिक दल भी इन आंकड़ों पर उंगली उठाते हैं।

मतदाता सूची का शुद्धिकरण यह सुनिश्चित करता है कि जो वोट गिना जाए, वह वास्तव में किसी जीवित और पात्र मतदाता का हो। इससे बूथवार वोट प्रतिशत की सही तस्वीर सामने आती है, EVM और वोटिंग पैटर्न के विश्लेषण में भी पारदर्शिता बढ़ती है। यही वजह है कि जबलपुर, भोपाल, इंदौर, Burhanpur जैसे जिलों में हुई यह बड़ी कार्रवाई आने वाले चुनावों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

आगे क्या: जनता को क्या करना चाहिए

अगर आप मध्य प्रदेश के किसी भी जिले के मतदाता हैं, तो आपके लिए भी यह MP Voter List Cleanup सीधे तौर पर महत्वपूर्ण है।

  • अपना नाम मतदाता सूची में ऑनलाइन या नजदीकी निर्वाचन कार्यालय में चेक करें।
  • अगर नाम में गलती है, फोटो गलत है या पता पुराना है, तो तुरंत फार्म भरकर सुधार कराएं।
  • अगर आपके परिवार के किसी सदस्य का निधन हो चुका है और उसका नाम अभी भी वोटर लिस्ट में है, तो उसकी जानकारी भी बूथ लेवल अधिकारी को दें।

चुनाव आयोग ने साफ संकेत दिए हैं कि इस बार voter list को यथासंभव साफ और updated रखा जाएगा। जबलपुर में मिले सबसे ज्यादा dead voters हों या Bhopal–Indore में कटे लाखों नाम, यह पूरा अभियान एक बड़े संदेश के साथ चल रहा है कि लोकतंत्र की शुरुआत सही और साफ मतदाता सूची से होती है।

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