बिहार पुलिस की Economic Crime Unit Patna ने हाल के महीनों में ऐसा धमाका किया है कि अपराधियों की नींद उड़ गई है। परीक्षा माफिया से लेकर साइबर ठगों तक, सभी के खिलाफ एक साथ कड़ी कार्रवाई हुई है। पटना पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) ई.ओ.यू. मानव जीत सिंह ढिल्लो ने जो आंकड़े पेश किए, वो चौंकाने वाले हैं – 1000 से ज्यादा गिरफ्तारियां और करीब 88 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त।
परीक्षा माफिया का खेल खत्म
Economic Crime Unit Patna ने सबसे पहले परीक्षा माफिया पर निशाना साधा। चुनाव के बाद से इस मोर्चे पर खास फोकस किया गया। शेखपुरा से कुख्यात संजीव मुखिया गैंग के एक अहम सदस्य को दबोचा गया। बीपीएससी और सीटीईटी जैसी बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल के धंधे में शामिल लोगों पर शिकंजा कसा गया।
एक हैरान करने वाला मामला चंदन नाम के शख्स का सामने आया। यह शातिर अपराधी 2015 से 2018 तक कोचिंग के नाम पर मासूम छात्रों को ठग रहा था। पहले 1 लाख रुपये लेता था, फिर परीक्षा पास कराने के नाम पर 8 लाख रुपये तक की वसूली करता था। अब उसके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला भी दर्ज है।
88 करोड़ की संपत्ति पर ताला
बालू और भू-माफिया के खिलाफ Economic Crime Unit ने स्पेशल टीम बनाई। अब तक 8 भू-माफिया और 11 बालू माफिया की पहचान हो चुकी है। PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत इनकी अवैध संपत्ति पर कार्रवाई हुई है।
ध्यान दें इन आंकड़ों पर:
- भू-माफिया की 37.79 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
- बालू माफिया की 50.09 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क
- कुल मिलाकर 88 करोड़ से ज्यादा की कार्रवाई
यह रकम बताती है कि ये माफिया कितने बड़े स्तर पर अवैध धंधा चला रहे थे।
साइबर ठगों पर सबसे बड़ा प्रहार
Economic Crime Unit Patna की सबसे बड़ी कामयाबी साइबर क्राइम के मोर्चे पर मिली है। अब यह यूनिट साइबर मामलों को भी संभाल रही है और नतीजे शानदार हैं।
देखें ये चौंकाने वाले आंकड़े:
- 1.25 लाख फ्रॉड कॉल की शिकायतें दर्ज
- 25,000 अन्य साइबर शिकायतें
- 1,000 से ज्यादा साइबर अपराधी गिरफ्तार
- साइबर इंटेलिजेंस टीम ने अकेले 131 को पकड़ा
- RBI के साथ मीटिंग में 616 संदिग्ध बैंक अकाउंट पकड़े गए
‘डिजिटल अरेस्ट’ का खतरनाक खेल
एक नया साइबर फ्रॉड सामने आया है – ‘डिजिटल अरेस्ट’। इसमें ठग खुद को पुलिस, CBI या कोर्ट अधिकारी बताकर लोगों को धमकाते हैं और पैसे ऐंठते हैं।
- 130 डिजिटल अरेस्ट की शिकायतें दर्ज
- 30 आरोपी गिरफ्तार
- विदेशों में बैठे दक्षिण एशियाई गिरोह भी पकड़े गए
सोशल मीडिया पर भी नजर
सोशल मीडिया पर फर्जी और भड़काऊ पोस्ट करने वालों को भी नहीं बख्शा गया:
- 108 केस रजिस्टर
- 356 खतरनाक पोस्ट ब्लॉक
- दरभंगा सिम बॉक्स मामले की CBI जांच जारी
उड़ीसा पेपर लीक का पटना कनेक्शन
Economic Crime Unit Patna की पहुंच सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है। उड़ीसा पेपर लीक मामले में पटना के खगौलपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। यह अंतरराज्यीय समन्वय की मिसाल है।
भ्रष्टाचार और ड्रग्स पर भी एक्शन
सिर्फ साइबर और माफिया ही नहीं, अभियोजन विभाग ने NDPS (ड्रग्स) और भ्रष्टाचार के 11 मामलों में सजा भी दिलवाई है। कानूनी प्रक्रिया मजबूती से आगे बढ़ रही है।
आप कैसे बचें साइबर ठगी से?
एसपी विनय कुमार ने लोगों को जरूरी सलाह दी:
ये गलतियां बिल्कुल न करें:
- अपना बैंक अकाउंट किसी के साथ शेयर न करें
- फोन पर OTP या CVV कभी न बताएं
- अनजान लिंक पर क्लिक न करें
- डिजिटल अरेस्ट के नाम पर धमकी मिले तो तुरंत 1930 पर कॉल करें
ये सावधानियां जरूर बरतें:
- संदिग्ध कॉल मिलने पर फौरन काट दें
- बैंक या पुलिस कभी फोन पर पैसे नहीं मांगते
- ऑनलाइन पेमेंट से पहले वेबसाइट वेरिफाई करें
- अपने परिवार के बुजुर्गों को साइबर फ्रॉड के बारे में जागरूक करें
अब अपराधी सुरक्षित नहीं
Economic Crime Unit Patna की यह कार्रवाई साबित करती है कि अब कोई भी अपराधी कानून की पकड़ से बाहर नहीं है। चाहे परीक्षा का धंधा हो, जमीन-बालू की अवैध खरीद-फरोख्त हो या साइबर ठगी – हर मोर्चे पर सख्ती हो रही है।
1000 से ज्यादा गिरफ्तारियां और 88 करोड़ रुपये की संपत्ति की जब्ती यह संदेश देती है कि बिहार पुलिस अब पहले से ज्यादा मुस्तैद और तकनीक-सक्षम है। आम लोगों के लिए यह राहत की बात है, लेकिन सतर्क रहना भी जरूरी है।
याद रखें – साइबर ठगी से बचने का सबसे अच्छा तरीका है जागरूकता। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। आपकी एक शिकायत किसी और को ठगी का शिकार होने से बचा सकती है।
















