छत्तीसगढ़: नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों को एक बार फिर बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के मीनागट्टा इलाके में सुरक्षा बलों ने माओवादियों की हथियार बनाने की एक गुप्त फैक्ट्री का पता लगाया है। इस Sukma Maoist arms factory से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा बलों की टीम गश्त के दौरान मीनागट्टा के पहाड़ी इलाके में पहुंची थी। यहां घने जंगलों के बीच माओवादियों ने अपनी हथियार निर्माण यूनिट छुपाकर रखी थी। जब सुरक्षाकर्मियों ने इलाके की तलाशी ली तो उन्हें बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक मिले, जिसे देखकर सभी हैरान रह गए।
क्या-क्या मिला बरामद सामान?
इस Sukma Maoist arms factory से कुल आठ राइफलें बरामद की गई हैं। इसके अलावा हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कई तरह के उपकरण भी मिले हैं। सुरक्षा बलों को यहां से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी हाथ लगी है, जिसका इस्तेमाल नक्सली IED बनाने और विस्फोट करने में करते हैं।
जानकारों का कहना है कि माओवादी इन हथियारों और विस्फोटकों का इस्तेमाल सुरक्षा बलों पर हमले करने की योजना बना रहे थे। समय रहते इस फैक्ट्री का पता चल जाने से एक बड़ी घटना को अंजाम देने से रोका जा सका है।
मौके पर ही तोड़ दी गई फैक्ट्री
सुरक्षा बलों ने हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद करने के बाद माओवादियों की इस अवैध फैक्ट्री को मौके पर ही पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से नक्सलियों की ताकत पर बड़ा झटका लगा है।
सुकमा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह इलाका काफी संवेदनशील है और यहां माओवादियों की मौजूदगी लंबे समय से बनी हुई है। ऐसे में इस तरह की कार्रवाई से नक्सलियों के हौसले पस्त होंगे।
क्यों अहम है यह कार्रवाई?
सुकमा जिला छत्तीसगढ़ के सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित इलाकों में से एक माना जाता है। यहां माओवादी लगातार सुरक्षा बलों को निशाना बनाते रहे हैं। पिछले कुछ सालों में कई बड़ी वारदातें इसी इलाके में हुई हैं।
ऐसे में Sukma Maoist arms factory की बरामदगी और उसे तोड़ना सुरक्षा बलों के लिए एक अहम उपलब्धि है। इससे साफ होता है कि माओवादी अपने हथियारों को जंगलों में छुपाकर रखते हैं और जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल करते हैं।
लगातार जारी है अभियान
छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की टीमें लगातार नक्सल प्रभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। मीनागट्टा इलाके में यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा थी।
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी ऐसे ही और ऑपरेशन चलाए जाएंगे ताकि माओवादियों के छुपे हुए ठिकानों का पता लगाया जा सके। सुरक्षा बलों ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि अगर उन्हें किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
नक्सल मुक्ति की दिशा में बड़ा कदम
सुकमा में माओवादियों की हथियार फैक्ट्री की बरामदगी सुरक्षा बलों की सतर्कता और मुस्तैदी को दर्शाती है। यह कार्रवाई नक्सलियों की कमर तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद की जाती है कि आने वाले समय में ऐसी और कार्रवाइयां होंगी और इस इलाके को पूरी तरह से नक्सल मुक्त बनाया जा सकेगा।












