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Ashta Violence News: सीहोर के आष्टा में बवाल, दो समुदाय आमने-सामने, भोपाल–इंदौर हाईवे जाम

Ashta Violence News: सीहोर के आष्टा में दो समुदायों के बीच विवाद के बाद पथराव, हाईवे जाम और पुलिस लाठीचार्ज से हालात बिगड़ गए। जानिए ग्राउंड से पूरी कहानी।

Updated at: Mon, 22 Dec 2025, 11:49 AM (IST)
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Crowd of people gathered around a fire on a road during a protest, with police presence visible.
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Ashta Violence News: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा में रविवार का दिन लोगों के लिए किसी आम दिन की तरह शुरू हुआ, लेकिन कुछ ही घंटों में पूरा शहर तनाव की गिरफ्त में आ गया। दो समुदायों के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि बात हाथापाई से होते हुए पथराव और तोड़फोड़ तक पहुंच गई। शहर के कई लोग बताते हैं कि कुछ ही मिनटों के अंदर माहौल ऐसा हो गया, जैसे अचानक किसी ने पूरे इलाके का मूड बदल दिया हो।

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जिस जगह पर विवाद शुरू हुआ, वहां पहले तो लोग बीच-बचाव करते दिखे, लेकिन हालात इतने तेजी से बिगड़े कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। दोनों तरफ से नारेबाजी शुरू हुई, कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बना रहे थे, तो कुछ अपनी दुकानों और घरों के शटर गिराने में लगे थे। देखते ही देखते सड़क पर पड़े ईंट-पत्थर इस बात की गवाही दे रहे थे कि यहां कितनी तेज रफ्तार से तनाव पनपा।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, शुरू में पुलिस की छोटी टीम मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ को देखकर अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, वैसे-वैसे गुस्सा भी गर्म होता गया और कुछ वाहनों के कांच टूटने और गाड़ियों में तोड़फोड़ की खबरें आने लगीं। कई दुकानदारों ने अपने सामान अंदर खींच लिए और शटर गिराकर घरों की ओर भागे।

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हाईवे तक पहुंचा विवाद, जाम में फंसे लोग

आष्टा की ये झड़प सिर्फ मोहल्ले तक सीमित नहीं रही, इसका असर सीधे भोपाल–इंदौर हाईवे पर दिखा। विवाद और अफरा-तफरी के बीच हाईवे पर जाम लग गया, कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं। जिन लोगों को भोपाल या इंदौर समय पर पहुंचना था, वे गाड़ियों से उतरकर आगे की स्थिति पूछते और फिर मायूस होकर लौट जाते दिखे।

कुछ ट्रक ड्राइवरों ने बताया कि वे घंटों से वहीं खड़े हैं, न आगे जाने का रास्ता है, न लौटने का। बसों में बैठे यात्रियों, बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ी, लेकिन किसी के पास हालात बदलने की ताकत नहीं थी। आस-पास के ढाबों और दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी, क्योंकि लोग इंतजार करते-करते थक चुके थे।

हाईवे पर जाम लगने के बाद पुलिस और प्रशासन की टेंशन भी बढ़ गई, क्योंकि यह सिर्फ एक शहर की law and order की बात नहीं रह गई थी, बल्कि पूरे रूट का ट्रैफिक प्रभावित हो चुका था। ऐसे में ऊपर के अधिकारियों को लगातार अपडेट भेजे जा रहे थे और अतिरिक्त फोर्स मंगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई। Ashta Violence News इस समय पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा चर्चा में आने लगी।

भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज

जैसे-जैसे शाम करीब आती गई, तनाव और बढ़ता गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने कई बार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन जब बात मानने को कोई तैयार नहीं हुआ तो आखिरकार लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठीचार्ज के बाद लोग इधर-उधर भागते नजर आए, कई गालियां देते हुए गलियों में गायब हो गए, तो कुछ ने खुद को घरों और दुकानों के अंदर बंद कर लिया।

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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हालात पर काबू पाने के लिए यह कदम मजबूरी में उठाना पड़ा, क्योंकि भीड़ किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। कुछ युवाओं को हिरासत में लिया गया है और CCTV फुटेज के आधार पर बाकी लोगों की पहचान की जा रही है। शहर में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है और संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त भी शुरू कर दी गई है, ताकि किसी तरह की अफवाह फैलने से रोका जा सके।

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लोगों में डर, बाजार सन्नाटा

घटना के बाद आष्टा के कई इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा, जहां आमतौर पर शाम तक रौनक रहती है। कई दुकानदारों ने अगला दिन भी दुकानें खोलने को लेकर असमंजस जताया, उनका कहना है कि जब तक माहौल पूरी तरह शांत न हो जाए, तब तक normal routine में लौटना मुश्किल है। कुछ अभिभावक तो बच्चों को tuition या बाहर खेलने भी भेजने से डर रहे हैं।

इस बीच सोशल मीडिया पर भी Ashta Violence News को लेकर तरह-तरह की बातें फैल रही हैं, जिस पर प्रशासन लगातार नजर रखे हुए है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, verified information पर ही भरोसा करें और किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट या मैसेज शेयर न करें। कई local WhatsApp groups में भी admin ने खुद ही मैसेज करके ग्रुप पर कंट्रोल रखने की कोशिश की।

प्रशासन की बैठकों का दौर, शांति की अपील

तनावपूर्ण स्थिति के बीच प्रशासन और पुलिस अधिकारी लगातार बैठकें कर रहे हैं, ताकि आने वाले 24–48 घंटे में हालात पर पूरी तरह कंट्रोल रखा जा सके। दोनों समुदायों के जिम्मेदार लोगों से भी बात की जा रही है, उनसे अपील की जा रही है कि वे खुद आगे आकर माहौल normal कराने में मदद करें।

सीहोर और आसपास के इलाकों के लिए भी यह घटना चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि अगर समय पर नियंत्रण न होता तो नुकसान और ज्यादा हो सकता था। फिलहाल स्थिति काबू में बताई जा रही है, लेकिन तनाव अभी भी साफ महसूस किया जा सकता है, इसलिए भारी पुलिस बल की तैनाती जारी है।

Ashta Violence News फिलहाल मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी खबरों में से एक बनी हुई है और भोपाल–इंदौर हाईवे पर जाम की ये तस्वीरें लोगों के जेहन में आसानी से उतरने वाली नहीं हैं। आम लोग बस यही चाहते हैं कि शहर फिर से वैसे ही शांत हो जाए, जैसे कुछ दिन पहले तक था, ताकि रोजमर्रा की जिंदगी बिना डर के वापस पटरी पर आ सके।

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