ग्वालियर में बड़ा Suicide Engineer का मामला सामने आया है, जहां 3 साल की बच्ची से रेप के आरोपी 26 साल के इंजीनियर ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। यह पूरा मामला न सिर्फ शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि आरोपी की मौत के बाद उसके परिवार के आरोपों ने केस को और पेचीदा बना दिया है।
कैसे सामने आया Suicide Engineer का मामला
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के गोला का मंदिर इलाके के पुरुषोत्तम विहार में रहने वाले 26 वर्षीय इंजीनियर लवजीत सिंह राणा उर्फ लव ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाकर सुसाइड कर लिया। परिवार के मुताबिक लवजीत पर 3 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म का केस दर्ज था, जिसकी वजह से उसकी नौकरी भी चली गई थी और वह लगातार तनाव में रहने लगा था।
शुक्रवार रात को घर में ही अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसने उल्टियां करना शुरू कर दिया, जिसके बाद परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने प्राथमिक तौर पर जहर खाने की बात कही, जिसके बाद अस्पताल से पुलिस को सूचना दी गई।
परिजनों का आरोप: 60 लाख रुपये की डिमांड
Suicide Engineer की कहानी यहीं खत्म नहीं होती, बल्कि इसके बाद जो आरोप लगे, उन्होंने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। मृतक लवजीत की मां और परिवार ने गंभीर आरोप लगाए कि बच्ची की मां ने समझौता करने के बदले 60 लाख रुपये की मांग की थी।
परिजनों का कहना है कि राजीनामा कराने के नाम पर पहले 60 लाख रुपये मांगे गए और दबाव में आकर बेटा 30 लाख रुपये तक दे भी चुका था। आरोप है कि इसके बाद भी बच्ची की मां और उसके वकील की तरफ से लगातार पैसे के लिए दबाव बनाया जा रहा था। परिवार का कहना है कि रेप के आरोप लगने के बाद से ही लवजीत की नौकरी जा चुकी थी और करियर पूरी तरह बर्बाद हो गया था, ऐसे में वह आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से टूट गया था।
कहां से शुरू हुआ था केस, क्या है पूरी पृष्ठभूमि
जानकारी के मुताबिक, लवजीत मूल रूप से डबरा के रामगढ़ का रहने वाला था और दिल्ली में नौकरी करता था। कुछ समय पहले वह अपने घर आया हुआ था। 22 अप्रैल को वह अपने दोस्त आकाश के घर गया, जहां से दोनों कार से कहीं निकले थे। दोस्त आकाश के घर पर रहने वाली किरायेदार ने पुलिस को शिकायत दी कि उसकी 3 साल की बच्ची को दोनों घुमाने के बहाने कार से ले गए थे और उसके साथ गलत काम हुआ।
शिकायत में बच्ची के रोते हुए वापस आने और उसके शरीर पर चोट के निशान होने की बात कही गई, जिसके आधार पर डबरा सिटी थाना पुलिस ने लवजीत और उसके दोस्त के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज किया था। यह वही केस है, जिसमें फंसने के बाद अब Suicide Engineer की यह दुखद कहानी सामने आई है।
परिजन बोले – भविष्य चौपट हो गया था
परिवार का कहना है कि रेप के आरोप लगने के बाद से ही लवजीत पूरी तरह टूट चुका था। केस दर्ज होते ही उसकी नौकरी चली गई, समाज में बदनामी हुई और शादी व करियर दोनों पर सवाल खड़े हो गए। घरवालों के मुताबिक वह अक्सर कहता था कि उसका भविष्य अब खत्म हो गया है और वह इस दाग के साथ जी नहीं पा रहा है।
परिवार का यह भी आरोप है कि एक तरफ उस पर गंभीर केस दर्ज था, दूसरी तरफ भारी रकम की डिमांड ने उसकी परेशानियां और बढ़ा दीं। उनका कहना है कि लगातार बढ़ते तनाव, आर्थिक बोझ और सामाजिक दबाव के बीच उसने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठा लिया।
पुलिस क्या कह रही है Suicide Engineer पर
गोला का मंदिर थाना प्रभारी हरेंद्र शर्मा के मुताबिक, फिलहाल मामला युवक द्वारा सुसाइड करने का है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और अब यह जांच की जा रही है कि आत्महत्या की असली वजह क्या रही।
थाना प्रभारी ने यह भी पुष्टि की कि युवक पर डबरा में मासूम बच्ची से दुष्कर्म का केस दर्ज है, जो अभी न्यायालय में विचाराधीन है। साथ ही, परिवार द्वारा लगाए गए 60 लाख रुपये की डिमांड वाले आरोपों की भी जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर बच्ची के परिवार और उनके वकील के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
समाज के लिए बड़ा सवाल
यह Suicide Engineer न सिर्फ एक आपराधिक केस है, बल्कि कई बड़े सवाल भी खड़े करता है। अगर अपराध हुआ है तो पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए, लेकिन अगर समझौते के नाम पर पैसों की डिमांड जैसी बातें सामने आती हैं, तो यह पूरी न्याय प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर देती हैं।
साथ ही, किसी पर गंभीर आरोप लगने के बाद मानसिक दबाव, नौकरी का खतरा, सामाजिक बदनामी और आर्थिक बोझ किस तरह एक युवा की जिंदगी खत्म कर सकते हैं, यह मामला उसकी दर्दनाक तस्वीर दिखाता है। पुलिस की जांच और कोर्ट के फैसले से ही आगे की सच्चाई साफ होगी, लेकिन फिलहाल ग्वालियर में यह Suicide Engineer चर्चा और सवालों के बीच घिरा हुआ है।
















