इंटरनेट ब्राउज़िंग की दुनिया में एक नया खिलाड़ी आ गया है और वो है Comet AI Browser। पर्प्लेक्सिटी एआई कंपनी ने इसे जुलाई 2025 में लॉन्च किया है और ये सिर्फ एक साधारण ब्राउज़र नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस एक स्मार्ट असिस्टेंट है जो आपकी ब्राउज़िंग को बिल्कुल नए लेवल पर ले जाता है।
किसने बनाया और कब हुआ लॉन्च?
Comet AI Browser को पर्प्लेक्सिटी एआई ने विकसित किया है, जिसके सीईओ हैं अरविंद श्रीनिवास। इसे 9 जुलाई 2025 को पहली बार मैक्स सब्सक्रिप्शन वाले यूज़र्स के लिए लॉन्च किया गया था। अब ये एंड्रॉयड और डेस्कटॉप दोनों पर उपलब्ध है। ये क्रोमियम-बेस्ड ब्राउज़र है, यानी Chrome की ही तकनीक पर बना है, लेकिन इसमें AI की ताकत जोड़ दी गई है।
क्या है खास इस ब्राउज़र में?
Comet AI Browser सिर्फ वेबसाइट खोलने का काम नहीं करता, बल्कि ये आपका पर्सनल असिस्टेंट बन जाता है। इसका बिल्ट-इन एआई असिस्टेंट किसी भी पेज को पढ़कर उसकी समरी बना देता है। मान लीजिए आप कोई लंबा आर्टिकल पढ़ रहे हैं, तो ये तुरंत मुख्य पॉइंट्स निकाल देगा।
इसकी सबसे बड़ी खूबी है इसका एजेंटिक टास्क फीचर। ये मीटिंग बुक करना, फॉर्म भरना, ऑनलाइन शॉपिंग जैसे मल्टी-स्टेप काम खुद से कर सकता है। आपको बस कमांड देनी है और Comet AI Browser अपना काम करने लगेगा।
टैब मैनेजमेंट भी इसमें कमाल का है। वर्कस्पेस व्यू की मदद से आप अपने सारे टैब्स को आसानी से मैनेज कर सकते हैं। वॉयस कमांड भी सपोर्ट करता है, यानी बोलकर भी काम करवा सकते हैं।
प्राइवेसी को लेकर कितना सुरक्षित?
आजकल हर कोई अपनी प्राइवेसी को लेकर चिंतित रहता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए नवंबर 2025 में Comet AI Browser में प्राइवेसी स्नैपशॉट फीचर जोड़ा गया। इससे होमपेज से ही आप अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स कंट्रोल कर सकते हैं।
सबसे अच्छी बात ये है कि आपका सेंसिटिव डेटा जैसे पासवर्ड, पेमेंट डिटेल्स सब लोकल स्टोरेज में सेव होता है। पर्सनल डेटा को 30 दिन बाद ऑटोमैटिक डिलीट कर दिया जाता है। एडब्लॉक और ट्रैकर ब्लॉक डिफॉल्ट रूप से ऑन रहते हैं। इंकॉग्निटो मोड में एआई की कैपेबिलिटी लिमिटेड रहती है ताकि आपकी प्राइवेसी बनी रहे।
सिक्योरिटी के लिए मल्टी-लेयर प्रोटेक्शन दी गई है। प्रॉम्प्ट इंजेक्शन डिटेक्शन और संवेदनशील एक्शन्स पर यूज़र कन्फर्मेशन की सुविधा है। ये SOC 2 कंप्लायंट और GDPR स्टैंडर्ड्स को फॉलो करता है। आपका डेटा ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल नहीं होता।
हालांकि, एक वल्नरेबिलिटी जिसे “कॉमेटजैकिंग” कहते हैं, रिपोर्ट हुई थी, लेकिन कंपनी ने उसे फिक्स करने पर फोकस किया है।
Chrome और दूसरे ब्राउज़र से कैसे है बेहतर?
Comet AI Browser की सबसे बड़ी ताकत है इसका नेटिव एआई इंटीग्रेशन। Chrome में आपको एक्सटेंशन इंस्टॉल करने पड़ते हैं, लेकिन यहां सब कुछ पहले से बिल्ट-इन है। टास्क ऑटोमेशन की बात करें तो Chrome में सब कुछ मैनुअल करना पड़ता है, जबकि Comet खुद से मल्टी-स्टेप टास्क कर देता है।
प्राइवेसी के मामले में भी ये आगे है। Chrome डेटा ट्रैकिंग करता है, जबकि Comet AI Browser में लोकल प्रोसेसिंग और डिफॉल्ट एडब्लॉक मिलता है। टैब मैनेजमेंट भी Chrome से बेहतर है क्योंकि इसमें AI की मदद से स्मार्ट ऑर्गनाइजेशन होता है।
किसके लिए है ये ब्राउज़र?
अगर आप प्रोडक्टिविटी बढ़ाना चाहते हैं, रिसर्च वर्क करते हैं, या न्यूज़ वेबसाइट मैनेज करते हैं तो Comet AI Browser आपके लिए परफेक्ट है। कंटेंट क्रिएटर्स, रिसर्चर्स, और बिजनेस प्रोफेशनल्स के लिए ये एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
अंतिम राय
पर्प्लेक्सिटी का Comet AI Browser सिर्फ एक ब्राउज़र नहीं, बल्कि आपका स्मार्ट वर्किंग पार्टनर है। इसकी एआई कैपेबिलिटी, प्राइवेसी फीचर्स और ऑटोमेशन की सुविधा इसे भीड़ से अलग बनाती है। अगर आप अपनी ब्राउज़िंग एक्सपीरियंस को नेक्स्ट लेवल पर ले जाना चाहते हैं, तो इसे ज़रूर ट्राई करें।
















