नई दिल्ली: पहलगाम में हुए खूनी आतंकी हमले के करीब आठ महीने बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस Pahalgam terror attack में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की जान गई थी। एनआईए की चार्जशीट में पाकिस्तान में बैठे मास्टरमाइंड साजिद जट्ट का नाम सबसे ऊपर है।
क्या है पूरा मामला?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम में एक दर्दनाक हादसा हुआ था। पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने यहां धर्म के आधार पर पर्यटकों को निशाना बनाया था। इस जघन्य हमले में कुल 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय व्यक्ति शामिल था। यह हमला इतना बड़ा था कि पूरे देश में इसकी गूंज सुनाई दी।
एनआईए की 1597 पेज की चार्जशीट
जम्मू स्थित एनआईए स्पेशल कोर्ट में दायर की गई यह चार्जशीट 1,597 पन्नों की है। इसमें पाकिस्तान की साजिश, आरोपियों की भूमिका और मामले से जुड़े हर छोटे-बड़े सबूत का पूरा ब्यौरा दिया गया है। एनआईए ने महीनों की मेहनत के बाद इस चार्जशीट को तैयार किया है।
कौन हैं आरोपी?
इस Pahalgam terror attack की चार्जशीट में जिन सात आरोपियों के नाम हैं, उनमें सबसे अहम नाम पाकिस्तान में बैठे हैंडलर साजिद जट्ट का है। इसके अलावा प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को भी एक कानूनी इकाई के रूप में आरोपित किया गया है।
खास बात यह है कि चार्जशीट में उन तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों के नाम भी शामिल हैं जो इस हमले के कुछ हफ्तों बाद जुलाई 2025 में श्रीनगर के दाचीगाम इलाके में ‘ऑपरेशन महादेव’ के दौरान भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराए गए थे। यह एनकाउंटर काफी चर्चित रहा था।
क्या हैं आरोप?
एनआईए ने चार्जशीट में आरोपियों पर कई गंभीर धाराएं लगाई हैं। सबसे बड़ा आरोप भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का है। इसके अलावा हमले की योजना बनाने, उसे अंजाम देने और आर्थिक मदद करने के भी आरोप हैं।
लश्कर-ए-तैयबा और टीआरएफ पर आरोप है कि इन संगठनों ने पूरे हमले को प्लान किया, आतंकवादियों की मदद की और उन्हें हथियार-गोला बारूद उपलब्ध कराया।
पाकिस्तान का रोल
एनआईए की जांच में यह साफ हो गया है कि यह हमला पाकिस्तान की सीधी साजिश थी। पाकिस्तान में बैठे हैंडलर साजिद जट्ट ने इस पूरे ऑपरेशन को कंट्रोल किया था। उसने न सिर्फ आतंकवादियों को भेजा बल्कि उन्हें टारगेट भी बताया।
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने कश्मीर में पर्यटकों को निशाना बनाया हो। पिछले कुछ सालों में कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं जहां पर्यटकों और बाहरी लोगों को जानबूझकर मारा गया है।
जांच अभी जारी
एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अभी जांच जारी है। संभव है कि आगे और भी आरोपियों के नाम सामने आएं। एजेंसी कुछ अन्य संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब अदालत में केस की सुनवाई शुरू होगी। एनआईए ने कड़े सबूतों के साथ यह चार्जशीट तैयार की है, इसलिए उम्मीद है कि आरोपियों को सजा मिलेगी।
Pahalgam terror attack का असर
इस हमले ने न सिर्फ कश्मीर बल्कि पूरे देश में पर्यटन पर बुरा असर डाला था। कई महीनों तक पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई थी। हालांकि सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करके धीरे-धीरे हालात सामान्य किए।
पहलगाम जैसी जगहों पर अब सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि ऐसी कोई घटना दोबारा न हो।
न्याय की उम्मीद
Pahalgam terror attack एक दर्दनाक घटना थी जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। एनआईए की चार्जशीट इस बात का सबूत है कि भारतीय जांच एजेंसियां हर आतंकी साजिश को नाकाम करने के लिए कटिबद्ध हैं। पाकिस्तान की साजिशों का भंडाफोड़ करते हुए एनआईए ने एक मजबूत केस तैयार किया है।
अब देखना यह होगा कि अदालत इन आरोपियों को क्या सजा सुनाती है। देश की जनता न्याय का इंतजार कर रही है।















