मध्य प्रदेश: जबलपुर शहर में नाले के जहरीले पानी से सब्जियां उगाना जबलपुर में एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। इसी को देखते हुए मंगलवार को जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने करमेता, रेगवां और कचनारी गांवों में जोरदार छापेमारी की। जो किसान नाले के गंदे और प्रदूषित पानी से अपने खेतों में सब्जियां उगा रहे थे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। मौके से कई पंप सेट जब्त किए गए, जिनका इस्तेमाल नाले के पानी को खेतों तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा था।
क्यों हो रही है लगातार कार्रवाई?
पिछले कुछ दिनों से जबलपुर प्रशासन इस मुद्दे को लेकर काफी सक्रिय है। दरअसल, शहर के आसपास के कई इलाकों में किसान सिंचाई के लिए साफ पानी की जगह नालों के प्रदूषित पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस गंदे पानी में केमिकल, सीवेज और तमाम तरह की गंदगी मिली होती है। जब इस पानी से सब्जियां उगाई जाती हैं, तो ये सब्जियां सीधे बाजार में बिकने के लिए पहुंच जाती हैं। नतीजा यह कि लोगों की सेहत को खतरा पैदा हो रहा है।
इसी खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती दिखाने का फैसला किया है। मंगलवार को हुई यह कार्रवाई इस मुहिम का हिस्सा है।
कैसे हुई कार्रवाई?
मंगलवार की सुबह जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों की एक बड़ी टीम करमेता, रेगवां और कचनारी गांवों में पहुंची। टीम ने उन खेतों का निरीक्षण किया जहां नाले के पानी से सिंचाई की जा रही थी। मौके पर कई पंप सेट मिले जो नाले से सीधे पानी खींचकर खेतों तक पहुंचा रहे थे। इन सभी पंप सेटों को तुरंत जब्त कर लिया गया।
इतना ही नहीं, अधिकारियों ने वहां उगाई जा रही सब्जियों, खेतों की मिट्टी और नाले के पानी के सैंपल भी एकत्र किए। ये सैंपल अब संबंधित विभागों की प्रयोगशालाओं में भेजे जाएंगे। इनकी जांच से यह पता लगाया जाएगा कि पानी और सब्जियों में प्रदूषण का स्तर कितना है और यह मानव स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक हो सकता है।
पूरी प्रक्रिया का पंचनामा तैयार
कार्रवाई के दौरान मौजूद अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया का विधिवत पंचनामा भी तैयार किया। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि आगे कानूनी कार्रवाई में कोई दिक्कत न आए। पंचनामे में उन सभी खेतों का ब्योरा दर्ज किया गया जहां नाले के पानी से सिंचाई की जा रही थी।
किन अधिकारियों ने की कार्रवाई?
इस अभियान में उपायुक्त संभव अयाची, उप संचालक उद्यानिकी डॉ नेहा पटेल, नायब तहसीलदार नीलू बागरी, नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी अंकिता बर्मन, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अनिल बारी, लैब टेक्नीशियन उमेश द्विवेदी, इशिता राजपूत और डॉ पूनम चक्रवर्ती समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
क्यों है यह मुद्दा गंभीर?
नाले के जहरीले पानी से सब्जियां उगाना जबलपुर में सिर्फ एक कृषि समस्या नहीं, बल्कि यह जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला है। प्रदूषित पानी से उगाई गई सब्जियों में हानिकारक रसायन, बैक्टीरिया और वायरस हो सकते हैं। जब ये सब्जियां बाजार में बिकती हैं और लोग इन्हें खाते हैं, तो उन्हें पेट संबंधी बीमारियां, त्वचा रोग और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
आगे क्या होगा?
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी। जो भी किसान या व्यक्ति नाले के पानी से सब्जियों की सिंचाई करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे।
यह पहल जनता की सेहत की सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है। उम्मीद की जाती है कि इस अभियान से शहर में बिकने वाली सब्जियों की गुणवत्ता में सुधार आएगा और लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित सब्जियां मिल सकेंगी।















