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गोंडा ब्लाइंड मर्डर: भट्ठे के मुनीम की गला रेतकर हत्या! अपमान का बदला लेने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

गोंडा ब्लाइंड मर्डर: भट्ठे के मुनीम राम सजीवन वर्मा की बेरहमी से हत्या का पूरा सच सामने आया। ट्रैक्टर चालक ने अपमान और 11 लाख के लालच में रची थी खूनी साजिश। जानिए पूरा मामला।

Edited By: Sameer Mahajan
Updated at: Wed, 10 Dec 2025, 10:49 AM (IST)
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उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में हुई एक रहस्यमय और खूनी वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया था। छपिया थाना क्षेत्र के साबरपुर गांव में स्थित पवन ब्रिक फील्ड (ईंट भट्ठा) पर काम करने वाले मुनीम राम सजीवन वर्मा की बेरहमी से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में पुलिस के पास कोई सुराग नहीं था, लेकिन अब इस गोंडा ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश हो गया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या की असली वजह सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

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खून से लथपथ मिली थी लाश, पुलिस के उड़े थे होश

जब राम सजीवन वर्मा की लाश भट्ठे पर मिली तो पूरा इलाका सन्नाटे में आ गया था। गला रेतकर की गई इस निर्मम हत्या ने सभी को झकझोर दिया। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और गांव में दहशत का माहौल बन गया था।

शुरुआत में यह एक ब्लाइंड मर्डर केस लग रहा था क्योंकि पुलिस के पास किसी संदिग्ध की जानकारी नहीं थी। न कोई चश्मदीद गवाह था और न ही कोई ठोस सबूत। ऐसे में गोंडा के पुलिस अधीक्षक ने इस चुनौतीपूर्ण केस को सुलझाने के लिए पांच विशेष टीमें गठित कीं।

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दिन-रात एक करके पुलिस ने पकड़ा सुराग

थाना छपिया और एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने इस गोंडा ब्लाइंड मर्डर को सुलझाने के लिए दिन-रात मेहनत शुरू कर दी। पुलिस ने भट्ठे पर काम करने वाले सभी मजदूरों और कर्मचारियों से पूछताछ की। मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगाले गए, आसपास के सीसीटीवी फुटेज देखे गए और संदिग्ध लोगों पर कड़ी नजर रखी गई।

कई दिनों की लगातार जांच के बाद पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे। मृतक के साथ काम करने वाले ट्रैक्टर चालक सचिन का व्यवहार संदिग्ध पाया गया। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस के हाथ ठोस सबूत लगने लगे और आखिरकार तीनों आरोपियों – सचिन, बृजेश कुमार और महाजन गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया।

हत्या की असली वजह जानकर रह जाएंगे हैरान!

अब जब पुलिस ने इस खूनी वारदात की असली वजह बताई तो सबको बड़ा झटका लगा। गोंडा के पुलिस अधीक्षक ने खुलासा करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी सचिन पवन ब्रिक फील्ड में ट्रैक्टर चालक था। मृतक राम सजीवन वर्मा वहां मुनीम के पद पर थे और सभी कामकाजी मामलों की देखरेख करते थे।

सचिन का आरोप है कि वर्मा उसे रोजाना अपमानित करते थे। छोटी-छोटी बातों पर डांट-फटकार, सबके सामने बेइज्जती और बार-बार नौकरी से निकालने की धमकी – ये सब सचिन को रास नहीं आ रहा था। रोज के अपमान ने उसके मन में बदले की आग भड़का दी।

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11 लाख का लालच बना आखिरी तिनका

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। सचिन को यह पता चला कि भट्ठा मालिक ने मुनीम राम सजीवन वर्मा को 11 लाख रुपये देने वाले हैं। इतनी बड़ी रकम की जानकारी मिलते ही सचिन के दिमाग में शैतानी योजना आ गई।

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अपमान का बदला लेना और साथ ही 11 लाख रुपये हथियाना – दोनों मकसदों ने सचिन को हत्या की खूनी साजिश रचने पर मजबूर कर दिया। उसने अपने दो साथियों बृजेश कुमार और महाजन गुप्ता को अपनी योजना में शामिल किया।

ऐसे रची गई खूनी साजिश

तीनों आरोपियों ने मिलकर एक पूरी रणनीति तैयार की। उन्होंने तय किया कि कब और कैसे राम सजीवन वर्मा को अपना शिकार बनाया जाए। मौका देखकर तीनों ने वर्मा पर हमला बोल दिया और बेहद क्रूरता से उनका गला काटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद तीनों मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।

लेकिन वो नहीं जानते थे कि गोंडा पुलिस उनके पीछे लग चुकी है और जल्द ही उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा कर दिया जाएगा।

पुलिस ने बरामद किए अहम सबूत

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली। आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और आलाकत्ल (तेज धार वाला हथियार) बरामद किया गया। ये दोनों सबूत इस गोंडा ब्लाइंड मर्डर में निर्णायक साबित होंगे।

पुलिस पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उन्होंने पूरी घटना को विस्तार से बयान किया है कि कैसे उन्होंने योजना बनाई और कैसे उसे अंजाम दिया।

एसपी ने टीम को दिया 10 हजार का इनाम

इस मुश्किल केस को सुलझाने के लिए गोंडा के पुलिस अधीक्षक ने थाना छपिया और एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त टीम की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि बिना किसी सुराग के इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाना आसान नहीं था, लेकिन टीम की मेहनत और समर्पण से यह संभव हो सका।

टीम के मनोबल को बढ़ाने और उनकी मेहनत की सराहना करने के लिए एसपी ने पूरी टीम को 10 हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है। यह इनाम पुलिस टीम के लिए एक प्रेरणा है।

कार्यस्थल पर अपमान का खतरनाक नतीजा

यह मामला एक अहम सबक भी देता है। कार्यस्थल पर किसी को भी बार-बार अपमानित करना या धमकाना कितना खतरनाक हो सकता है, इसकी एक बड़ी मिसाल है यह घटना। हालांकि किसी भी परिस्थिति में हत्या जैसे जघन्य अपराध को जायज नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन यह जरूर याद रखना चाहिए कि हर इंसान को सम्मान के साथ रहने का हक है।

अब क्या होगा आगे?

फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या, षड्यंत्र और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच अभी भी जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल था।

अब सवाल यह है कि क्या तीनों आरोपियों को उनके इस जघन्य अपराध की सजा मिलेगी? क्या न्याय व्यवस्था राम सजीवन वर्मा के परिवार को इंसाफ दिला पाएगी? इस केस की आगे की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

इस गोंडा ब्लाइंड मर्डर ने पूरे गोंडा जिले में हड़कंप मचा दिया था, लेकिन पुलिस की तेज और सटीक कार्रवाई से लोगों का पुलिस प्रणाली पर भरोसा और मजबूत हुआ है। स्थानीय लोग पुलिस टीम की इस कामयाबी की भरपूर सराहना कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।

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