उत्तर प्रदेश: बरेली के विशारतगंज इलाके में गौकशी के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। थाना विशारतगंज की पुलिस ने एक रोमांचक मुठभेड़ के बाद तीन खतरनाक आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस Gaukashi case में पकड़े गए बदमाशों की पहचान शाकिर, इमरान उर्फ पेप्सी और अनीस उर्फ अन्नी के रूप में हुई है।
क्या-क्या बरामद हुआ आरोपियों के पास से?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई अहम सबूत और हथियार बरामद किए हैं। इनमें दो 315 बोर के तमंचे, दो जिंदा कारतूस, पांच खोखा कारतूस, एक मोटरसाइकिल, गौवध में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक का कट्टा और रस्सी शामिल है। ये सभी सामान गौकशी की घटनाओं को अंजाम देने में उपयोग किए जा रहे थे।
20 नवंबर को हुई थी गौकशी की घटना
क्षेत्राधिकारी नितिन श्रीवास्तव ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 20 नवंबर को अलीगंज-विशारतगंज बॉर्डर पर केला फैक्ट्री के पास गौकशी की एक गंभीर घटना हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सर्विलांस टीम, एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) और थाना पुलिस की एक संयुक्त टीम गठित की।
कैसे हुई आरोपियों की गिरफ्तारी?
रात को पुलिस को मुखबिर से एक अहम सूचना मिली कि वही आरोपी फिर से गौकशी की घटना को अंजाम देने की तैयारी में जुटे हैं। इस खबर के मिलते ही पुलिस टीम तुरंत एक्शन में आ गई और उस इलाके की घेराबंदी कर दी।
जैसे ही पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की, बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम ने भी अपनी सुरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान तीनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी। घायल अवस्था में तीनों को फौरन अस्पताल में भर्ती कराया गया और वहीं से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने खोले कई राज
पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने गौकशी की कई घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूल की। उन्होंने बताया कि वे आवारा पशुओं को पकड़कर जंगल में ले जाते थे और वहां उनका वध कर देते थे। इस Gaukashi case से पुलिस को पता चला कि ये लोग काफी समय से इस अवैध धंधे में शामिल थे।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नए मुकदमे दर्ज किए हैं। गौकशी के साथ-साथ पुलिस पर फायरिंग करने और अवैध हथियार रखने के मामले भी इनके खिलाफ दर्ज किए गए हैं। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की सक्रियता से मिली सफलता
क्षेत्राधिकारी नितिन श्रीवास्तव ने बताया कि यह सफलता पुलिस टीम की मेहनत और सतर्कता का नतीजा है। सर्विलांस और इंटेलिजेंस इनपुट की मदद से ही इन आरोपियों को गिरफ्तार करना संभव हो सका। उन्होंने कहा कि गौकशी जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस पूरी सख्ती के साथ काम कर रही है।
इलाके में राहत की लहर
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि कुछ समय से इलाके में गौकशी की घटनाएं बढ़ रही थीं, जिससे लोगों में काफी आक्रोश था। इस Gaukashi case के बाद अब लोगों को राहत मिली है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों से और भी पूछताछ जारी है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या इनके साथ और भी लोग इस अवैध धंधे में शामिल थे। अगर कोई और आरोपी सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
















