राजगढ़/हाथरस: मध्य प्रदेश की राजगढ़ पुलिस और उत्तर प्रदेश की हाथरस पुलिस ने मिलकर एक बड़ी चोरी का खुलासा किया है। इस MP-UP Police Joint Operation में 26 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी बरामद की गई है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे हुई थी चोरी की वारदात?
यह वारदात 19 नवंबर को हुई थी। देवास जिले के बरोटा गांव की रहने वाली पवित्रा बाई पति रूप सिंह नागर मक्सी से चार्टर्ड बस में सफर कर रही थीं। यात्रा के दौरान किसी ने उनके बैग से चोरी कर ली। बैग में सोने-चांदी के कीमती जेवरात और 80 हजार रुपए नकद रखे थे। जब पवित्रा बाई को चोरी का पता चला तो वे सदमे में आ गईं।
चार दिन बाद 23 नवंबर को पवित्रा बाई ने राजगढ़ के थाना देहात ब्यावरा में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।
सीसीटीवी और तकनीकी मदद से मिला सुराग
राजगढ़ पुलिस ने इस मामले में कई कोणों से जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई, मुखबिरों से जानकारी जुटाई गई और तकनीकी विश्लेषण किया गया। इन सबके आधार पर पुलिस ने छह आरोपियों की पहचान कर ली।
इनमें टिंकू उर्फ टिंका अहेरिया, धर्मेंद्र अहेरिया, अनमोल अहेरिया, बंटी अहेरिया, भूपेंद्र अहेरिया (सभी हाथरस के मिर्जापुर गांव के रहने वाले) और नूरसिंह अहेरिया (एटा के मोहदीनपुर के रहने वाले) शामिल थे।
दो राज्यों की पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन
जैसे ही पता चला कि आरोपी उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के रहने वाले हैं, मध्य प्रदेश पुलिस ने हाथरस जंक्शन पुलिस से संपर्क किया। इस MP-UP Police Joint Operation के तहत दोनों राज्यों की पुलिस टीमों ने मिलकर योजना बनाई और हाथरस के गांव मिर्जापुर में छापेमारी की। लेकिन आरोपी वहां नहीं मिले। लगता था कि चोरों को भनक लग गई थी।
लेकिन पुलिस टीम ने हार नहीं मानी। तकनीकी लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से आरोपियों की मूवमेंट पर नजर रखी गई।
श्योपुर-मुरैना रोड पर दबोचे गए चोर
राजगढ़ के पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने बताया कि तकनीकी लोकेशन ट्रैकिंग से पता चला कि आरोपी श्योपुर-मुरैना मार्ग पर जा रहे हैं। तुरंत पुलिस टीम एक्शन में आई और जौरा बस स्टैंड से तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में टिंकू उर्फ टिंका, धर्मेंद्र (दोनों हाथरस के मिर्जापुर गांव) और नूरसिंह (एटा के मोहदीनपुर) शामिल हैं। पूछताछ में तीनों ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर यह चोरी की वारदात को अंजाम देना कबूल कर लिया।
पूरा चोरी का माल बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम हाथरस जंक्शन कोतवाली क्षेत्र के गांव मिर्जापुर पहुंची। वहां से चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया गया। इसमें 21 तोले यानी करीब 245 ग्राम सोने के आभूषण, 1 किलो 300 ग्राम चांदी के जेवरात और 80 हजार रुपए नकद शामिल हैं। कुल मिलाकर 26 लाख रुपए की संपत्ति बरामद हुई है।
पीड़िता पवित्रा बाई को उनका पूरा सामान वापस मिल गया है। उन्होंने दोनों राज्यों की पुलिस टीमों का आभार व्यक्त किया है।
MP-UP Police Joint Operation की सफलता
इस सफल MP-UP Police Joint Operation में थाना देहात ब्यावरा के उप निरीक्षक धर्मेंद्र शर्मा और उनकी पूरी टीम ने अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा जीआरपी मुरैना के उप निरीक्षक अमित शर्मा, हाथरस जंक्शन कोतवाली के एसआई यदुनाथ सिंह और आरक्षक कुलदीप का भी इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण योगदान रहा।
यह कार्रवाई दो राज्यों की पुलिस के बीच बेहतरीन समन्वय और टीम वर्क का उदाहरण है। अपराधियों ने सोचा होगा कि राज्य की सीमा पार करके वे पकड़ से बच जाएंगे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी और आधुनिक तकनीक की मदद से उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने बताया कि यह ऑपरेशन अंतरराज्यीय समन्वय का बेहतरीन उदाहरण है। जब दो राज्यों की पुलिस मिलकर काम करती है तो अपराधियों के लिए बचना मुश्किल हो जाता है।
तीन अन्य आरोपी अभी फरार
फिलहाल तीन अन्य आरोपी अनमोल अहेरिया, बंटी अहेरिया और भूपेंद्र अहेरिया अभी फरार हैं। पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जल्द ही फरार अपराधियों को भी गिरफ्तार करने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस MP-UP Police Joint Operation से यह साफ संदेश गया है कि अपराधी चाहे जहां भी भाग जाएं, पुलिस की आधुनिक तकनीक और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय उन्हें पकड़ने में कामयाब रहता है। यह कार्रवाई भविष्य में होने वाले इसी तरह के अंतरराज्यीय अपराधों को रोकने में भी मददगार साबित होगी।
















