उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी प्रयागराज में एक बार फिर illegal conversion Prayagraj का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कैंट थाना इलाके के म्योरबाद में पुलिस ने अवैध धर्मांतरण के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पादरी पीटर राजू और उसके साथी अनिल थॉमस को गिरफ्तार करके सीधे जेल भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह केस तब सामने आया जब विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ता अमित मिश्रा ने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई। उनकी शिकायत के मुताबिक, पादरी पीटर राजू और उनका सहयोगी अनिल थॉमस म्योरबाद इलाके में गरीब और जरूरतमंद लोगों को निशाना बना रहे थे। इन लोगों को पैसे, नौकरी और दूसरी सुविधाओं का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा था।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि यह सब कुछ बेहद सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था। गरीब परिवारों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें illegal conversion के जाल में फंसाया जा रहा था। जैसे ही यह शिकायत पुलिस के पास पहुंची, अधिकारियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए मामला दर्ज किया।
पुलिस ने की सख्त कार्रवाई
प्रयागराज पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए फौरन कार्रवाई की। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के एंटी-कन्वर्जन लॉ (UP Anti-Conversion Law) की धारा 3/5(1) के तहत केस रजिस्टर किया गया। यह कानून खासतौर पर जबरन या लालच देकर किए जाने वाले धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए बनाया गया है।
सिविल लाइन्स के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) विधुत गोयल ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया, “हमने illegal conversion Prayagraj मामले में सख्त एक्शन लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। यह कदम अवैध धर्मांतरण को रोकने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।”
अभी जारी है जांच
फिलहाल पुलिस की जांच अभी भी जारी है। अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ दो लोगों का खेल नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा हो सकता है। पुलिस टीम पूरे रैकेट का पता लगाने में जुटी हुई है और जल्द ही इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।
स्थानीय स्तर पर इस मामले ने काफी हलचल मचा दी है। भारतीय हिंदू परिषद (BHP) के कार्यकर्ता अनिल कुमार पांडेय और शिवम द्विवेदी ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति इस तरह के जाल में न फंसे।
UP Anti-Conversion Law क्या कहता है?
उत्तर प्रदेश का एंटी-कन्वर्जन कानून साल 2021 में लागू किया गया था। इस कानून के तहत अगर कोई व्यक्ति जबरदस्ती, धोखाधड़ी, लालच या शादी के झांसे में किसी का धर्म बदलवाता है, तो उसे सजा का प्रावधान है। इस कानून में 1 से 10 साल तक की जेल की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
क्या कहते हैं स्थानीय लोग?
म्योरबाद इलाके के स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पिछले कुछ समय से यहां कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं, लेकिन अब पुलिस की सख्त कार्रवाई के बाद लोगों को राहत मिली है।
कानून का पालन जरूरी
प्रयागराज में illegal conversion का यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि कानून का पालन करना कितना जरूरी है। गरीब और कमजोर लोगों का फायदा उठाकर उनके साथ धोखाधड़ी करना घोर अपराध है। प्रयागराज पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है और उम्मीद है कि जांच में जो भी और लोग शामिल मिलेंगे, उन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अगर आपको या आपके आसपास किसी को ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
















