Bihar News: बिहार के रोहतास जिले में पुलिस ने मानव तस्करी और नाबालिग लड़कियों के शोषण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई अंजाम दी है। नासरीगंज थाना इलाके के बरडीहा में चल रही अनैतिक गतिविधियों पर पुलिस ने शिकंजा कसते हुए 17 लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इस ऑपरेशन में दो महिलाओं समेत तीन आर्केस्ट्रा संचालकों को गिरफ्तार किया गया है।
गुप्त सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई
रोहतास पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बरडीहा इलाके में आर्केस्ट्रा के नाम पर लड़कियों को दूसरे राज्यों से लाया जा रहा है और फिर उन्हें अनैतिक धंधे में धकेला जा रहा है। इस जानकारी के बाद एसपी रोहतास रौशन कुमार के निर्देश पर एक विशेष अभियान तैयार किया गया।
आधा दर्जन थानों की संयुक्त टीम ने एकसाथ इस कथित रेड लाइट एरिया में व्यापक छापेमारी की। इस ऑपरेशन की कमान बिक्रमगंज के एएसपी-सह-एसडीपीओ संकेत कुमार ने संभाली। नासरीगंज, काराकाट और आसपास के कई थानों की पुलिस फोर्स इस कार्रवाई में शामिल रही।
पुलिस को देखकर मची भगदड़
जब पुलिस की टीम अचानक इलाके में पहुंची तो वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गाने-बजाने के नाम पर चल रहे कई घरों में भगदड़ मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुलिस को देखते ही कई आर्केस्ट्रा संचालिकाएं और महिलाएं खेत-खलिहानों की तरफ भागने लगीं। हालांकि, पुलिस की चौकसी के चलते तीन मुख्य संचालकों को पकड़ने में सफलता मिल गई।
17 लड़कियों को सुरक्षित निकाला गया
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 17 लड़कियों को अपनी हिरासत में लिया है। इन लड़कियों की उम्र की पुष्टि और उनकी सेहत की जांच के लिए उन्हें जिला मुख्यालय सासाराम के सदर अस्पताल भेजा गया। वहां मेडिकल टीम ने सभी लड़कियों का मेडिकल चेकअप और उम्र सत्यापन किया। यह जांच यह पता लगाने के लिए जरूरी थी कि इनमें से कितनी लड़कियां नाबालिग हैं।
एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी
बुधवार को रोहतास के एसपी रौशन कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस पूरे मामले की तफसील बताई। उन्होंने कहा, “हमें पक्की खबर मिली थी कि दूसरे राज्यों से लड़कियों को यहां आर्केस्ट्रा में काम दिलाने के नाम पर लाया जा रहा है। शुरुआत में उन्हें गाने-बजाने का झांसा दिया जाता है, लेकिन बाद में उन्हें जबरन गलत काम करने के लिए मजबूर किया जाता है।”
एसपी ने आगे बताया कि इस पूरे ऑपरेशन में कुल 11 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। अभी तक तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 8 अन्य आरोपी फरार हैं। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए विभिन्न जगहों पर लगातार छापेमारी जारी है।
अंतरराज्यीय तस्करी का मामला
यह मामला सिर्फ रोहतास तक सीमित नहीं है। पुलिस के मुताबिक, यह एक अंतरराज्यीय तस्करी का नेटवर्क हो सकता है। इसी वजह से संबंधित राज्यों की पुलिस से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लड़कियों को किन-किन राज्यों से लाया गया था और इस गिरोह का कितना बड़ा नेटवर्क है।
आगे की कार्रवाई जारी
रोहतास पुलिस ने साफ किया है कि यह महज शुरुआत है। पूरे इलाके में ऐसी अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए और भी छापेमारी की जाएगी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम काम कर रही है। साथ ही, बचाई गई लड़कियों को उचित देखभाल और कानूनी सहायता मुहैया कराई जा रही है।
यह कार्रवाई बिहार में मानव तस्करी और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों के प्रति पुलिस की सख्ती को दर्शाती है। रोहतास पुलिस की इस मुहिम की सराहना की जा रही है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही सभी दोषियों को कानून के कटघरे में लाया जाएगा।
















