मराठी, हिंदी और कन्नड़ सिनेमा में अपनी सादगी और दमदार एक्टिंग के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री गिरिजा ओक (Girija Oak), जिन्होंने आमिर खान की ‘तारे ज़मीन पर’ और हाल ही में शाहरुख खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जवान’ में काम किया है, इन दिनों सोशल मीडिया पर एक खास वजह से छाई हुई हैं। उनकी नीली साड़ी वाली एक तस्वीर ने उन्हें रातोंरात ‘नेशनल क्रश’ बना दिया है, लेकिन इसी वायरल लहर के साथ एक भयानक डिजिटल सच्चाई भी सामने आई है।
नीली साड़ी बनी नेशनल क्रश
दरअसल, एक निजी यूट्यूब चैनल को दिए गए इंटरव्यू में गिरिजा ओक एक साधारण नीली साड़ी और स्लीवलेस ब्लाउज में नज़र आईं। इस इंटरव्यू की तस्वीरों और छोटे क्लिप्स ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया। उनकी बेदाग खूबसूरती, सादगी भरा अंदाज़ और आत्मविश्वास ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। देखते ही देखते, सोशल मीडिया पर उन्हें “ब्लू साड़ी गर्ल” और नया National Crush कहा जाने लगा। कई यूज़र्स ने तो उनकी तुलना दिग्गज दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों से भी की।
गिरिजा ने फैंस से मिल रहे इस अथाह प्यार और समर्थन के लिए सभी का धन्यवाद किया और खुद को मिल रहे इस अप्रत्याशित ‘ट्रेंड’ पर खुशी भी ज़ाहिर की। लेकिन यह वायरल ट्रेंड जल्द ही एक गंभीर रूप ले गया।
AI डीपफेक का काला साया
अभिनेत्री ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर बताया कि उनकी नीली साड़ी वाली वायरल तस्वीरों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने खुलासा किया कि कुछ शरारती तत्वों ने उनकी तस्वीरों को AI deepfake तकनीक का इस्तेमाल करके अश्लील और आपत्तिजनक तरीके से मॉर्फ (बदल) दिया है, और ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैलाई जा रही हैं।
गिरिजा ने कहा कि उन्हें इस बात से बहुत दुःख हुआ है कि बिना किसी नियम के यह ‘खेल’ खेला जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में इस तरह के कंटेंट को ‘अश्लील और आपत्तिजनक’ बताया।
एक माँ की चिंता: ‘मेरा 12 साल का बेटा…’
इस पूरे मामले पर बात करते हुए गिरिजा ओक का दर्द साफ झलक रहा था। उन्होंने सबसे बड़ी चिंता अपने 12 साल के बेटे को लेकर ज़ाहिर की। उन्होंने भावुक होकर कहा, “मेरा एक 12 साल का बेटा है। एक दिन जब वह बड़ा होगा और इंटरनेट पर अपनी माँ की ये अश्लील, AI deepfake तस्वीरें देखेगा, तो वह क्या सोचेगा? यह बात मुझे बहुत परेशान करती है।”
उन्होंने समाज से अपील की कि जो लोग महिलाओं या किसी भी व्यक्ति की तस्वीरों को AI की मदद से मॉर्फ कर उन्हें सेक्सुअलाइज़ कर रहे हैं, उन्हें एक बार ज़रूर सोचना चाहिए कि यह कितना अनैतिक और अमानवीय है। उन्होंने जोर दिया कि दर्शक जानते हैं कि ये तस्वीरें फेक हैं, लेकिन इनसे मिलने वाला ‘सस्ता रोमांच’ एक डरावनी डिजिटल हकीकत को दिखाता है।
कानूनी और नैतिक सवाल
Girija Oak AI Deepfake का यह मामला एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि तेज़ी से बढ़ रही AI तकनीक के इस दौर में महिलाओं की प्राइवेसी और सुरक्षा का क्या होगा। सेलिब्रिटी से लेकर आम महिलाएँ तक, कोई भी इस डिजिटल दुर्व्यवहार (Digital Misconduct) से सुरक्षित नहीं है। गिरिजा ओक ने अपनी चुप्पी तोड़कर न सिर्फ अपने लिए बल्कि उन सभी लोगों के लिए आवाज़ उठाई है जो Deepfake Abuse का शिकार हो रहे हैं। यह घटना बताती है कि डिजिटल दुनिया में भी नैतिकता और इंसानियत के नियम होना कितना ज़रूरी है।
गिरिजा ओक की सादगी को पसंद करने वाले उनके फैंस ने इस मुश्किल समय में उनका भरपूर समर्थन किया है और इस तरह के अनैतिक कृत्यों की कड़ी निंदा की है।













