उत्तर प्रदेश: वृंदावन में एक अनोखी घटना सामने आई है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने खून से पत्र लिखा है।
यह मामला वृंदावन के महामंडलेश्वर राधा नंद गिरी के आश्रम में सामने आया, जहां दिनेश फलाहारी महाराज ने पत्रकारों के सामने बताया कि उन्होंने यह पत्र पूरी श्रद्धा और आस्था से लिखा है। उनका कहना है कि धीरेंद्र शास्त्री जी ने आज के समय में सनातन धर्म को जिस तरह एकजुट किया है, वह अपने आप में ऐतिहासिक है।
“धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू समाज को जोड़ा है”
दिनेश फलाहारी महाराज का कहना है कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पूरे विश्व के सनातनियों को एक सूत्र में बांधने का काम किया है। वे हमेशा जाति-पाति, ऊँच-नीच से ऊपर उठकर एक संदेश देते हैं — “हम सब हिंदू एक हैं।”
महाराज ने कहा कि बागेश्वर धाम सरकार ने हर वर्ग, हर जाति, हर संप्रदाय के लोगों को अपने प्रवचनों के जरिए जोड़ा है। उन्होंने लोगों के मन में धर्म के प्रति विश्वास जगाया है और सनातन संस्कृति को फिर से जीवन्त किया है।
फलाहारी महाराज बोले – यह सम्मान पूरे सनातन धर्म का होगा
पत्र में फलाहारी महाराज ने लिखा कि “धीरेंद्र शास्त्री जी को भारत रत्न देना केवल एक व्यक्ति को सम्मानित करना नहीं होगा, बल्कि यह पूरे सनातन धर्म की एकता और चेतना को सम्मानित करने जैसा होगा।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने प्रधानमंत्री जी से निवेदन किया है कि देश में जो व्यक्ति हिंदू एकता और धर्म के उत्थान के लिए इतनी निष्ठा से काम कर रहा है, उसे भारत रत्न से सम्मानित किया जाए।”
“हनुमान जी के परम भक्त हैं धीरेंद्र शास्त्री”
फलाहारी महाराज ने धीरेंद्र शास्त्री जी को हनुमान जी का परम भक्त बताया और कहा कि “देशभर में लाखों लोग उन्हें हनुमान जी का अवतार मानते हैं। उन्होंने कठिन यात्राएँ की हैं, गांव-गांव जाकर लोगों में जागरूकता लाई है और हिंदू राष्ट्र की दिशा में नई सोच दी है।”
उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री केवल कथा नहीं कहते, बल्कि वे समाज को जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। उनके बागेश्वर धाम में हर जाति, हर राज्य से लोग पहुंचते हैं और अपनी समस्याओं का समाधान पाते हैं।
भक्तों में उत्साह, सोशल मीडिया पर समर्थन की लहर
जैसे ही फलाहारी महाराज द्वारा खून से लिखे पत्र की खबर फैली, सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। कई लोग इस कदम को “धार्मिक आस्था की चरम अभिव्यक्ति” बता रहे हैं।
वहीं बागेश्वर धाम के समर्थकों ने ट्विटर और फेसबुक पर #धीरेंद्र_शास्त्री_को_भारत_रत्न ट्रेंड करना शुरू कर दिया है।
लोगों का कहना है कि अगर किसी ने आज के समय में हिंदू समाज को एक मंच पर खड़ा किया है, तो वो पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हैं।
भारत रत्न की मांग ने मचाई हलचल
वृंदावन से उठी यह मांग अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन गई है। कई धार्मिक संगठनों ने भी दिनेश फलाहारी महाराज की पहल की सराहना की है।
हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से अभी तक इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
लेकिन एक बात तय है — “धीरेंद्र शास्त्री को भारत रत्न” देने की यह मांग अब लोगों की भावनाओं से जुड़ चुकी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है।
















