Singrauli Viral Video मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से निकली ये खबर इंसानियत और सिस्टम दोनों को झकझोर देती है। यहां एक पति ने शक में अपनी पत्नी का वीडियो बना लिया और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। बात यहीं खत्म नहीं हुई—जब पीड़ित महिला पुलिस के पास पहुंची, तो उसे इंसाफ की जगह ताने और दुत्कार मिली।
शक से शुरू हुई कहानी, बर्बादी पर खत्म
बरगवां थाना क्षेत्र के ओडगढ़ी गांव में रहने वाला एक शख्स अपनी पत्नी पर शक करता था कि उसका किसी और के साथ संबंध है। शक इतना गहरा गया कि उसने अपनी पत्नी पर नजर रखने का मन बना लिया।
एक दिन उसने मौका देखकर उसका आपत्तिजनक वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया।
इसके बाद पति-पत्नी के बीच झगड़े शुरू हो गए। महिला, जिसका नाम गौतमी बताया जा रहा है, मायके चली गई। लेकिन यहीं से कहानी और उलझ गई।
पति को जेल, फिर पलट गया पूरा मामला
गांव के लोगों का कहना है कि महिला के करीबी संजय सिंह ने पति के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर उसे जेल भिजवा दिया। बाद में जब पुलिस ने पूछताछ की तो संजय ने कहा—“मेरा उस महिला से कोई लेना-देना नहीं, मैं उसे जानता तक नहीं।”
संजय के मुकरने के बाद पति का गुस्सा और भी बढ़ गया। उसे लगा कि सबने उसके साथ धोखा किया है। बस, यहीं से उसने बदले की आग में इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं।
सोशल मीडिया पर वायरल कर दी पत्नी की इज्जत
पति ने गुस्से में अपनी ही पत्नी का वीडियो और ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
कानूनी रास्ता अपनाने के बजाय उसने इंतकाम का रास्ता चुना। देखते ही देखते वीडियो इंटरनेट पर फैल गया और गौतमी की इज्जत सरेआम उछाल दी गई।
पुलिस से लेकर एसपी ऑफिस तक भटकी महिला
अपनी बदनामी से टूटी गौतमी ने हिम्मत जुटाई और थाने पहुंची। उसने पुलिस से गुहार लगाई कि पति के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और वायरल वीडियो हटवाया जाए।
लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया।
वह थाने से लेकर एसपी ऑफिस तक चक्कर लगाती रही, लेकिन कहीं से कोई जवाब नहीं मिला।
कई दिनों तक दर-दर भटकने के बाद जब उसे लगा कि अब कोई मदद नहीं करेगा, तो उसने एक दर्दनाक कदम उठाया।
इंसाफ न मिलने पर जहर खाकर दी जान देने की कोशिश
थककर, टूटकर और अपमान से भरी गौतमी ने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की।
परिवारवालों ने समय रहते उसे अस्पताल पहुंचाया।
डॉक्टरों ने बताया कि महिला की हालत गंभीर है और उसे बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है।
अब जागी पुलिस, जांच शुरू
अब जब पूरा मामला सोशल मीडिया और मीडिया में सुर्खियों में आया है, तो पुलिस हरकत में आई है।
नगर पुलिस अधीक्षक पुन्नु परस्ते ने बताया कि महिला द्वारा जहर खाने की सूचना मिली है।
उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया में जो वीडियो वायरल हुआ था, उसकी जांच पहले से चल रही थी। अब इस नए मामले में भी कार्रवाई की जाएगी।”
सवाल अब सिस्टम से है
इस पूरी घटना ने फिर से वही सवाल खड़ा किया है कि—
क्या किसी महिला को तब ही इंसाफ मिलेगा जब वो मरने की कोशिश करेगी?
अगर पुलिस पहले ही मामले को गंभीरता से ले लेती, तो शायद आज गौतमी जिंदगी और मौत के बीच न झूल रही होती।
सोशल मीडिया की बेकाबू दुनिया
यह घटना इस बात की भी चेतावनी है कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल किसी की जिंदगी तबाह कर सकता है।
कानूनी प्रावधान मौजूद हैं—आईटी एक्ट, धारा 67A के तहत किसी का आपत्तिजनक वीडियो वायरल करना गंभीर अपराध है, जिसकी सजा पांच साल तक हो सकती है।
लेकिन असली सवाल यह है कि जब पुलिस ही लापरवाह हो जाए तो कानून की ताकत कौन महसूस कराएगा?
इंसाफ की उम्मीद बाकी है
गौतमी अब अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है।
परिवार का कहना है कि उसे सिर्फ इंसाफ चाहिए—जो भी इस शर्मनाक हरकत में शामिल था, उसे सजा मिलनी ही चाहिए।
वहीं, सिंगरौली पुलिस ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सबक जो समाज को समझना चाहिए
Singrauli Viral Video Case सिर्फ एक घरेलू झगड़ा नहीं है, ये उस सिस्टम पर करारा तमाचा है जो पीड़ितों की सुनवाई से पहले फाइलें बंद कर देता है।
अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद एक और महिला आज जिंदगी और मौत से जूझ न रही होती।
















