- प्रधानमंत्री मोदी ने इंदौर में 30 लाख टन क्षमता वाला दुग्ध संयंत्र शुरू किया।
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने धन-धान्य योजना को कृषि में नया अध्याय बताया।
- देश में अब तक 50 लाख से अधिक किसान एफपीओ से जुड़े हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना देश के कृषि विकास में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय लिखेगी। उन्होंने यह बात दिल्ली में आयोजित “अन्नदाताओं का सम्मान, समृद्ध राष्ट्र का निर्माण” कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होकर कही। इस कार्यक्रम को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया और साथ ही इंदौर में 30 लाख टन क्षमता के अत्याधुनिक दुग्ध चूर्ण संयंत्र का वर्चुअल शुभारंभ भी किया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने इंदौर, ग्वालियर समेत कई सहकारी संघों को पैक्स सिस्टम से जोड़ने को “ऐतिहासिक कदम” बताया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को मिली इन सौगातों के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया।
इंदौर के किसानों के बीच उत्साह और जश्न
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का संबोधन ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, इंदौर से वर्चुअली सुना। इस दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पशुपालन और डेयरी राज्यमंत्री लखन पटेल, विधायक मधु वर्मा, रमेश मेंदोल, मनोज पटेल, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, मध्यप्रदेश दुग्ध महासंघ के एमडी डॉ. संजय गोवानी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
कार्यक्रम खत्म होने के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के किसानों के लिए दो बड़ी योजनाओं की शुरुआत हो रही है —
- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना
- दलहन आत्मनिर्भरता मिशन
किसानों के लिए सुनहरा भविष्य
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि पीएम धन-धान्य कृषि योजना कृषि विकास और उससे जुड़े सेक्टर्स में आमूल-चूल परिवर्तन लाने में मदद करेगी। उन्होंने जानकारी दी कि देश में पहले से ही 10 हजार एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) सक्रिय हैं और इनसे 50 लाख किसान जुड़ चुके हैं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण कृषि मिशन के तहत:
- 1 लाख किसानों का प्रमाणन किया गया है
- 4275 मित्र किसानों का प्रमाणन पूरा हुआ
- 10 हजार से ज्यादा बहुउद्देशीय पैक्स को कंप्यूटरीकरण की मंजूरी मिली
- डेयरी, मत्स्यपालन, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण में कई परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन हुआ
इंदौर में 79 करोड़ का दुग्ध संयंत्र
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने इंदौर में 79 करोड़ रुपये की लागत से बने आधुनिक दुग्ध चूर्ण संयंत्र का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस संयंत्र की क्षमता 30 लाख टन है, जो प्रदेश में डेयरी उद्योग को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। इसके साथ ही इंदौर और ग्वालियर के सहकारी संघों को पैक्स मॉडल से जोड़ा गया है, जिससे किसानों को अधिक लाभ और पारदर्शी व्यवस्था मिलेगी।
कृषि उत्पादन में तेजी
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से कम उपज वाले देश के 100 जिलों में पैदावार बढ़ाने का प्रयास होगा। दलहन उत्पादन में भी तेजी आएगी, जिससे देश की दाल आत्मनिर्भरता का लक्ष्य पूरा हो सकेगा। इस विशेष कार्यक्रम में कृषि और इससे जुड़े सेक्टर्स की करीब 42,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं शामिल हैं।
इन परियोजनाओं से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना भी मजबूत होगा।
किसानों का आत्मीय स्वागत
वर्चुअल कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री यादव का इंदौर के किसानों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। वहीं बुरहानपुर में जिला पंचायत सभाकक्ष में मुख्य कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा और सुना गया। इस दौरान विधायक अर्चना चिटनिस, जिला पंचायत उपाध्यक्ष गजानन महाजन, कृषि स्थाई समिति के अध्यक्ष प्रतिनिधि किशोर पाटील, प्रगतिशील किसान विट्ठल गुरुजी और रघुनाथ पाटील समेत कई लोग मौजूद रहे।















