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Arattai vs WhatsApp India: 3.5 लाख यूजर्स रोज़, WhatsApp छोड़ो और प्राइवेसी के लिए इसे चुनो!

तीन दिन में 3.5 लाख यूजर्स! क्या Zoho का Arattai ऐप WhatsApp का विकल्प है? जानिए क्यों आपको Arattai vs WhatsApp India की बहस में प्राइवेसी को चुनना चाहिए। आज ही डाउनलोड करें और स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा दें!

Updated at: Tue, 30 Sep 2025, 3:41 PM (IST)
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हाइलाइट्स
  • महज़ 3 दिन में Arattai ने 3,000 से बढ़कर 3.5 लाख यूजर्स हासिल किए।
  • Zoho का ‘मेड इन इंडिया’ मैसेजिंग ऐप WhatsApp को टक्कर देने आया।
  • Arattai का वादा: यूजर डेटा बिलकुल सुरक्षित, बिना Ads और मुनाफे के लिए इस्तेमाल।

Arattai vs WhatsApp India: आज के दौर में जब हम सब डिजिटल इंडिया की रफ्तार पर सवार हैं, एक नया नाम बड़ी तेजी से सबकी जुबान पर चढ़ गया है— Arattai ऐप। यह कोई विदेशी ऐप नहीं, बल्कि अपनी ही भारतीय टेक कंपनी Zoho का बनाया हुआ देसी मैसेजिंग ऐप है। और इसकी कहानी किसी फिल्मी क्लाइमेक्स से कम नहीं!

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ज़रा सोचिए, महज़ तीन दिनों में इस ऐप के रोज के साइन-अप 3,000 से सीधे छलांग लगाकर 3.5 लाख तक पहुँच गए! यह सिर्फ संख्या नहीं, भारतीय डिजिटल बाजार में एक बड़े बदलाव की गूंज है। इस ज़बरदस्त उछाल ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है: क्या यह नया सितारा, भारत के सबसे पॉपुलर मैसेजिंग ऐप WhatsApp को उसकी बादशाहत से हटा पाएगा?

आइये, इस रिपोर्ट में हम Arattai की इस अचानक आई पॉपुलैरिटी की पूरी कहानी को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि यह ऐप भारतीय यूजर्स को क्या ख़ास दे रहा है। हमारा फोकस कीवर्ड इस पूरी चर्चा का केंद्र रहेगा: Arattai vs WhatsApp India.

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Arattai क्या है: नाम ही बता रहा है इसका मतलब!

सबसे पहले तो इस ऐप के नाम को समझते हैं। Arattai शब्द तमिल भाषा से लिया गया है, जिसका सीधा और सरल मतलब होता है ‘हल्की-फुल्की बातचीत’। नाम से ही पता चलता है कि यह ऐप दोस्तों और परिवार के बीच सहज संवाद के लिए बना है।

इसे बनाने वाली कंपनी Zoho Corporation है, जो टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बड़ा और भरोसेमंद नाम है। उन्होंने इसे साल 2021 में लॉन्च किया था, लेकिन उस समय यह इतना सुर्खियों में नहीं आया। दरअसल, यह एक ऐसा प्रोडक्ट था जिसने सही समय और सही समर्थन का इंतज़ार किया। और अब, वह समय आ गया है! सोशल मीडिया और सरकार की तरफ से मिले ज़बरदस्त बढ़ावा की बदौलत यह रातोंरात चर्चा का विषय बन गया है।

क्यों अचानक उछल गई Arattai की पॉपुलैरिटी?

अगर कोई ऐप दो साल तक चुपचाप बैठा रहे और फिर अचानक तीन दिनों में 3000 से 3.5 लाख यूजर्स बटोर ले, तो इसके पीछे कोई बड़ी वजह तो होगी ही! इसकी पॉपुलैरिटी में आए इस ‘मेगा उछाल’ का सबसे बड़ा कारण है सरकारी समर्थन।

हाल ही में, हमारे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देश के लोगों से खुलकर अपील की। उन्होंने कहा कि हमें “स्वदेशी यानी भारत में बने डिजिटल ऐप्स” का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए और देश की तकनीक को बढ़ावा देना चाहिए। और इस लिस्ट में, उन्होंने Arattai को टॉप पर रखा। यह सिफारिश एक तरह से ‘देसी ऐप’ के लिए सरकारी मुहर जैसा काम कर गई।

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इसके बाद, सोशल मीडिया पर तो जैसे आग लग गई! लोगों ने तुरंत इसे WhatsApp के मुकाबले एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प बताना शुरू कर दिया। Zoho के सह-संस्थापक स्रीधर वेम्बु ने खुद ट्वीट करके इस बात की पुष्टि की कि नए यूजर्स की संख्या 3,000 से 3,50,000 पर पहुँच गई है। इतने बड़े ‘लोड’ को झेलने के लिए अब तो कंपनी भी अपनी सर्वर क्षमता बढ़ाने में पूरी जान लगा रही है!

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फीचर्स का पिटारा: क्या Arattai WhatsApp जैसा ही है?

जब हम Arattai vs WhatsApp India की तुलना करते हैं, तो फीचर्स के मामले में Arattai बिल्कुल भी पीछे नहीं है। एक मॉडर्न मैसेजिंग ऐप में जो कुछ भी जरूरी होता है, वो सब इसमें मौजूद है:

  1. चैटिंग और ग्रुपिंग: आप आमने-सामने की चैट (One-to-One) और ग्रुप चैट आराम से कर सकते हैं।
  2. मल्टीमीडिया शेयरिंग: वॉयस नोट्स, फोटो, वीडियो और फाइल शेयरिंग भी आसान है।
  3. कॉलिंग: सबसे अहम, इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के साथ ऑडियो और वीडियो कॉलिंग का ऑप्शन भी है, यानी आपकी बातें पूरी तरह गुप्त और सुरक्षित हैं।
  4. अतिरिक्त फीचर्स: यह स्टोरीज (Stories) और ब्रॉडकास्ट चैनल (Broadcast Channel) जैसे फीचर्स भी देता है, जो यूजर्स को पसंद आते हैं।
  5. प्लेटफॉर्म सपोर्ट: यह सिर्फ मोबाइल तक सीमित नहीं है, बल्कि डेस्कटॉप और Android TV पर भी चलता है।

यानी, रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए Arattai के पास वो हर चीज है जो WhatsApp के पास है। तो फिर, असली फर्क कहाँ आता है?

गेम-चेंजर: प्राइवेसी और सुरक्षा का वादा!

फीचर्स भले ही मिलते-जुलते हों, लेकिन जहाँ Arattai एक बड़ा दाँव खेलता है, वो है इसकी प्राइवेसी पॉलिसी। यह वो जगह है जहाँ Arattai vs WhatsApp India की बहस निर्णायक मोड़ लेती है।

Zoho ने एकदम साफ और कड़े शब्दों में कहा है कि Arattai एक spyware-फ्री और प्राइवेसी फर्स्ट ऐप है। इसका सबसे बड़ा दावा यह है कि:

Arattai ऐप आपके डेटा को कभी भी मुनाफे के लिए इस्तेमाल नहीं करेगा।

इसका मतलब है कि आपकी पर्सनल चैट, आपके शेयर किए गए फोटो-वीडियो, और आपका सारा डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा और उसे किसी भी तरह के विज्ञापन (Ads) या व्यावसायिक फायदे (Monetization) के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

आज के समय में, जब डेटा प्राइवेसी एक सबसे बड़ी चिंता का विषय बन चुकी है, खासकर भारतीय यूजर्स के लिए जो WhatsApp की लगातार बदलती प्राइवेसी पॉलिसी से परेशान रहे हैं, Arattai का यह ‘प्राइवेसी फर्स्ट’ स्टैंस गेम-चेंजर साबित हो रहा है। यूजर्स के मन में यह विश्वास बैठ रहा है कि वे एक ‘मेड-इन-इंडिया’ ऐप पर भरोसा कर सकते हैं, जिसका मुख्यालय देश में ही है और जो भारतीय कानूनों के प्रति अधिक जवाबदेह है।

क्या WhatsApp को टक्कर देना आसान है?

यह सच है कि Arattai ने ज़बरदस्त शुरुआत की है, लेकिन क्या यह सच में WhatsApp की बादशाहत को हिला पाएगा? हमें कुछ बड़ी चुनौतियों को भी देखना होगा:

  1. नेटवर्क इफ़ेक्ट (Network Effect)

WhatsApp भारत में घर-घर तक पहुँच चुका है। ‘नेटवर्क इफ़ेक्ट’ का मतलब है कि ज़्यादातर लोग WhatsApp इसलिए इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि उनके परिवार, दोस्त और सहकर्मी पहले से ही उस पर हैं। एक मैसेजिंग ऐप की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे कितने लोग इस्तेमाल करते हैं। Arattai को अभी भी देश के करोड़ों यूजर्स तक पहुँचने के लिए एक लंबा सफर तय करना है।

  1. फीचर्स की कमी (Missing Features)

हालाँकि Arattai में बेसिक फीचर्स हैं, लेकिन WhatsApp ने अब पेमेंट (UPI), बिज़नेस अकाउंट्स और कम्युनिटी जैसे कई उन्नत फीचर्स जोड़े हैं। Arattai को बाजार में टिके रहने के लिए इनोवेशन की रफ्तार को बनाए रखना होगा।

  1. सर्वर और स्केल (Server & Scale)

Zoho अब सर्वर क्षमता बढ़ा रहा है, लेकिन WhatsApp के पास Meta (पहले Facebook) का विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो रोज़ाना खरबों मैसेजेस को संभालता है। इतने बड़े पैमाने पर, बिना किसी रुकावट के सेवा देना एक बहुत बड़ी चुनौती है।

क्या यह ‘देसी’ मैसेजिंग क्रांति की शुरुआत है?

Arattai vs WhatsApp India की लड़ाई अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन यह साफ है कि Zoho ने एक बहुत ही सही समय पर एक सही प्रोडक्ट बाजार में उतारा है।

Arattai के पास दो सबसे बड़े हथियार हैं: स्वदेशी पहचान (‘मेड-इन-इंडिया’) और डेटा प्राइवेसी का अटूट वादा। सरकार और लोगों के बीच ‘देशी अपनाओ’ की भावना तेज़ी से बढ़ रही है, और यही चीज़ Arattai को ज़बरदस्त फायदा दे रही है।

अगर Arattai लगातार बेहतरीन परफॉर्मेंस देता है, नए और उपयोगी फीचर्स जोड़ता है, और सबसे बढ़कर, प्राइवेसी के अपने वादे पर कायम रहता है, तो यह निश्चित रूप से भारतीय मैसेजिंग मार्केट में एक मजबूत दावेदार बनकर उभरेगा। यह WhatsApp को पूरी तरह से विस्थापित न भी करे, लेकिन यह लाखों भारतीय यूजर्स के लिए एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प ज़रूर बन सकता है।

यह उछाल सिर्फ़ एक ऐप की सफलता नहीं है, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि भारतीय यूजर्स अब फीचर्स से ज़्यादा डेटा सुरक्षा को महत्व दे रहे हैं। यह ‘देसी’ मैसेजिंग क्रांति की एक दमदार शुरुआत हो सकती है!

आपका क्या मानना है? क्या आप WhatsApp छोड़कर Arattai इस्तेमाल करने को तैयार हैं?

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